• August 1, 2026

अमित शाह ने की NSA अजीत डोभाल की जमकर तारीफ, बोले- उनकी एक जानकारी से सुलझे थे इंडियन मुजाहिदीन के 13 धमाकों के केस

पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के योगदान की खुलकर सराहना की। इस अवसर पर डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और रक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने में अजीत डोभाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

‘डोभाल की एक जानकारी से सुलझे 13 बम धमाकों के मामले’

अपने संबोधन में अमित शाह ने दावा किया कि अजीत डोभाल से मिली एक अहम जानकारी ने देशभर में हुए इंडियन मुजाहिदीन के 13 सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच में बड़ी सफलता दिलाई।

उन्होंने कहा,
“अजीत डोभाल जी ने इंडियन मुजाहिदीन के 13 बम धमाकों की जांच से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी मुझे दी थी। इसके बाद गुजरात पुलिस देशभर में हुए सीरियल बम धमाकों की गुत्थी सुलझाने में सफल रही।”

विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में भी निभाई अहम भूमिका

अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जिन विषयों पर वर्षों तक केवल विचार-विमर्श और अध्ययन होता रहा, उन्हें वर्ष 2014 के बाद व्यवहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिला।

शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन रणनीतिक विचारों को नीति और कार्रवाई का हिस्सा बनाया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिली

गृह मंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और नई तकनीकों को रक्षा व्यवस्था से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों के पीछे डोभाल का अनुभव और रणनीतिक मार्गदर्शन रहा है।

‘मोदी सरकार की रक्षा नीति में डोभाल का बड़ा योगदान’

अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की रक्षा व्यवस्था की सुरक्षात्मक और आक्रामक क्षमता में व्यापक बदलाव आया है और इसमें अजीत डोभाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने बताया कि जब तिलक स्मारक ट्रस्ट ने उन्हें सूचना दी कि इस वर्ष लोकमान्य तिलक पुरस्कार के लिए अजीत डोभाल का चयन किया गया है, तो उन्होंने इस सम्मान समारोह में शामिल होने की सहमति तुरंत दे दी।

‘एक सच्चे देशभक्त का सम्मान हुआ’

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक, छत्रपति शिवाजी महाराज और पेशवाओं की पुण्यभूमि पुणे में एक सच्चे देशभक्त का सम्मान किया गया है।

उन्होंने अजीत डोभाल के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि वे आने वाले वर्षों में भी देश की सुरक्षा के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहें।

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