• July 14, 2026

राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मांगे आवेदन; 18 जुलाई तक कर सकते हैं अप्लाई

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या के राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट ने सोमवार को इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित उम्मीदवार राम मंदिर के पहले CEO होंगे और उनकी नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर तीन साल के अनुबंध पर की जाएगी। संतोषजनक कार्य प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इस पद के लिए 50 से 70 वर्ष की आयु के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदक के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना अनिवार्य है। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई को शाम चार बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

ट्रस्ट तय करेगा CEO की जिम्मेदारियां

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि CEO की जिम्मेदारियों और अधिकारों का निर्धारण ट्रस्ट ही करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट या CEO के कामकाज में किसी प्रकार का सरकारी हस्तक्षेप नहीं होगा। उनके अनुसार, CEO की सबसे बड़ी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं का ट्रस्ट के प्रति विश्वास बनाए रखना होगी।

CEO मंदिर की वित्तीय व्यवस्था की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही, वे ट्रस्ट के सहयोगी के रूप में काम करते हुए अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह रहेंगे।

तीन सदस्यीय समिति करेगी चयन

इस पद के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच और उपयुक्त उम्मीदवार की सिफारिश के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं।

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह इस चयन समिति का हिस्सा नहीं हैं और ट्रस्ट की 22 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा देखने के बाद उसमें शामिल होने पर निर्णय लेंगे।

चढ़ावा विवाद के बीच नियुक्ति प्रक्रिया

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन और उससे जुड़े विवाद के बीच CEO की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। हाल के दिनों में मंदिर प्रशासन और व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं, जिसके बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

महंत दिनेन्द्र दास की बढ़ी सक्रियता

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट सदस्य और निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत दिनेन्द्र दास मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह लगातार मंदिर परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

सोमवार को भी महंत दिनेन्द्र दास मंगला आरती में शामिल हुए और यात्री सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया। इससे पहले वह गर्भगृह में श्रृंगार आरती में शामिल हुए थे और चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया था।

जांच के बाद कम हुआ काउंटिंग स्टाफ

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारियों और एसआईटी जांच के बाद मंदिर के काउंटिंग सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। पहले जहां करीब 40 कर्मचारी चढ़ावे की गिनती में लगे रहते थे, वहीं अब केवल 23 से 24 कर्मचारी ही यह काम कर रहे हैं।

महंत दिनेन्द्र दास के अनुसार, फिलहाल चढ़ावे की गिनती सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में की जा रही है। उन्होंने बताया कि काउंटिंग सेंटर में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को बिना जेब वाली टी-शर्ट और पैंट पहनाई गई है तथा निगरानी के लिए अलग कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

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