दिल्ली में अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन: पीतमपुरा-शालीमार बाग रोड से हटाया गया अवैध धार्मिक स्थल, 94 इमारतें ध्वस्त
दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों और सरकारी जमीन पर हुए कब्जों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को पीतमपुरा और शालीमार बाग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के बीच बने एक अवैध धार्मिक स्थल को हटाया गया। यह धार्मिक ढांचा सरकारी जमीन पर बना हुआ था और सड़क चौड़ीकरण परियोजना में बाधा बन रहा था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क को चौड़ा करना और क्षेत्र में लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करना है, ताकि लोगों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों के प्रति उसकी नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।
अवैध निर्माणों के खिलाफ जारी है विशेष अभियान
दिल्ली सरकार और विभिन्न एजेंसियां पूरे शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं। इस अभियान के तहत 1 जून से अब तक भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 94 अवैध इमारतों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 114 इमारतों को सील किया गया है।
मालवीय नगर हादसे के बाद तेज हुई कार्रवाई
3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद सरकार ने इस अभियान में और तेजी लाई है। अधिकारियों के मुताबिक, उस घटना के बाद से अब तक 63 अवैध इमारतों को गिराया जा चुका है।
3 जून को एक ही दिन में सबसे अधिक 22 अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया था, जबकि 7 जून को 77 संपत्तियों को सील किया गया। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली के 13 जिलों में 124 स्थानों का निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस अभियान में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
सुरक्षा मानकों को लेकर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार अवैध निर्माण, अतिक्रमण और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत निगरानी और नियामक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार इमारतों और सार्वजनिक स्थलों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य बनाने पर भी विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत केवल उन्हीं इमारतों को बीमा सुविधा मिलेगी, जो सुरक्षा और निर्माण संबंधी सभी सरकारी मानकों को पूरा करेंगी।
सरकार का कहना है कि राजधानी में अवैध निर्माणों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।