• July 10, 2026

E20 पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं? सरकार ने बताया कारण, गाड़ियों को नुकसान और माइलेज पर भी दी सफाई

नई दिल्ली: देशभर में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है, तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम क्यों नहीं है। अब केंद्र सरकार ने इस सवाल का विस्तृत जवाब दिया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, E20 पेट्रोल शुद्ध पेट्रोल से सस्ता नहीं है क्योंकि सरकार भारतीय किसानों को समर्थन देने के उद्देश्य से इथेनॉल की खरीद ऊंची और तय कीमतों पर करती है। सरकार किसानों से इथेनॉल की खरीद 71.86 रुपये प्रति लीटर तक की दर से करती है। मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा समय में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल है, ऐसे में इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण E20 पेट्रोल का उत्पादन पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में महंगा पड़ता है।

सरकार के अनुसार, E20 पेट्रोल की कीमत में कमी तभी संभव है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच जाए।

E20 का उद्देश्य कीमत घटाना नहीं

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल की खुदरा कीमतों को कम करना नहीं है। इसका लक्ष्य ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से देश को बचाना, वैश्विक आपूर्ति संकट के प्रभाव को कम करना और बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा की बचत करना है। साथ ही, यह कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

E20 को लेकर फैलाई जा रही हैं भ्रामक जानकारियां

सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर भी स्पष्टीकरण जारी किया था। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि E20 कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययनों, वैश्विक अनुभवों और नियामकीय सुरक्षा मानकों पर आधारित है और इसके बारे में कई गलत दावे किए जा रहे हैं।

सरकार ने 10 बिंदुओं में दी सफाई

सरकार ने E20 को लेकर फैली भ्रांतियों पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण दिए हैं—

  • पानी की अत्यधिक बर्बादी का दावा गलत है।
  • खाद्य सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है।
  • E20 कोई नया प्रयोग नहीं, बल्कि कई देशों में पहले से इस्तेमाल हो रहा ईंधन है।
  • E20 से इंजन खराब होने की बात बेबुनियाद है।
  • माइलेज पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
  • वाहन की वारंटी और बीमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • चींटियों और मधुमक्खियों के आकर्षित होने के दावे मनगढ़ंत हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट में “प्रयोग” शब्द का गलत संदर्भ पेश किया गया।
  • पेट्रोल में सीधे गन्ने का रस मिलाने वाले वीडियो फर्जी हैं।
  • E20 कार्यक्रम से पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा।

सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने और भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

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