• July 10, 2026

करूर हादसे को याद कर भावुक हुए तमिलनाडु के CM सी जोसेफ विजय, पीड़ित परिवारों को बांटे नौकरी पत्र, स्मारक बनाने का ऐलान

करूर: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय शुक्रवार को अपने पहले करूर दौरे पर पहुंचे। यह वही स्थान है, जहां चुनाव प्रचार के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद करूर का यह उनका पहला दौरा रहा, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

अपने दौरे के दौरान सीएम विजय ने करूर में करीब 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले 32 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एक नॉन-लेदर यूनिट की आधारशिला भी रखी।

जनसभा में भावुक हुए सीएम विजय

करूर के एटलस ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जीवन में मिली कोई भी सफलता निर्दोष लोगों की मौत के दर्द को कम नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा, “जीवन में कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, कुछ दर्द और घाव ऐसे होते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। करूर की घटना मेरे जीवन का सबसे बड़ा दर्द है।”

‘कार्यक्रम से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई’

हादसे से पहले की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए सीएम विजय ने कहा कि उनका राज्यव्यापी ‘जनता सम्मेलन’ कार्यक्रम लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए आयोजित किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पेरंबालूर में एक कार्यक्रम को भीड़ की आशंका के कारण रद्द करने की सलाह दी गई थी, लेकिन करूर में भारी भीड़ के बावजूद पुलिस की ओर से किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई।

‘पुलिस चाहती तो कार्यक्रम रद्द कर सकती थी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “नमक्कल से करूर आते समय अगर पुलिस को लगा था कि भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होगा, तो वे हमें सूचित कर सकते थे। कार्यक्रम रद्द करने का अधिकार भी उनके पास था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मैंने पुलिस पर भरोसा किया और उस दिन अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया था। मुझे कभी अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी।”

पिछली सरकार पर उठाए सवाल

घटना की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सीएम विजय ने कहा, “इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था क्यों नहीं की गई? इसके लिए जिम्मेदार कौन है और आदेश किसने दिए?”

उन्होंने कहा कि हादसे में कई मासूम बच्चों की भी जान चली गई, जिनकी याद आज भी उन्हें झकझोर देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दुखद घटना के बाद भी कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और उन्हें ही दोषी ठहराने की कोशिश की।

करूर में बनेगा स्मारक

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की याद में मुख्यमंत्री विजय ने करूर में एक स्मारक बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) इस स्मारक का निर्माण करेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस त्रासदी को याद रखें और ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण न हो।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि भविष्य की पीढ़ियां इस घटना और इसके पीछे रची गई राजनीतिक साजिशों को समझें। इसी उद्देश्य से करूर में एक स्मारक बनाया जाएगा, जो इस त्रासदी की याद को हमेशा जीवित रखेगा।”

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *