• June 9, 2026

दिल्ली को मिलेगी धूल-मुक्त सड़कें और ‘कूलिंग जोन’, रेखा गुप्ता सरकार की बड़ी पहल

नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर सड़क प्रबंधन और शहरी हरियाली को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में एक अहम पहल की शुरुआत की गई है। दिल्ली सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते का उद्देश्य राजधानी में धूल-मुक्त सड़कें, वैज्ञानिक रोड मैनेजमेंट और हरित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री परवेश साहिब सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।

प्रदूषण नियंत्रण को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली सरकार का दावा है कि इस पहल से राजधानी में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और एयर क्वालिटी में सुधार होगा। साथ ही सड़क अवसंरचना को आधुनिक और अधिक टिकाऊ बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह समझौता दिल्ली में प्रदूषण कम करने और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को नई दिशा देगा।

उन्होंने कहा,
“दिल्ली की सड़कों को धूल रहित और बेहतर बनाने के लिए PWD, CSIR-CRRI और SPA के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। नई तकनीक, बेहतर सड़क प्रबंधन और अधिक हरियाली पर आधारित यह पहल स्वच्छ सड़कों और हरित विकसित दिल्ली के संकल्प को मजबूत करेगी।”

दिल्ली में बनेंगे बांस आधारित ‘कूलिंग जोन’

इसी बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ती गर्मी से राहत देने के लिए बांस आधारित ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करने की घोषणा भी की है।

दरअसल, बाहरी-उत्तरी जिला प्रशासन ने SEEDS NGO के सहयोग से बवाना में बांस से निर्मित एक ‘कूलिंग जोन’ तैयार किया है। इसकी सफलता के बाद अब दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी ऐसे केंद्र विकसित किए जाएंगे।

क्या होंगे ‘कूलिंग जोन’ के फायदे?

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इन कूलिंग जोन का निर्माण मुख्य रूप से बांस जैसी पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से किया जाएगा, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम असर पड़ेगा। ये संरचनाएं लोगों को भीषण गर्मी में राहत देने के साथ-साथ टिकाऊ शहरी समाधान के रूप में काम करेंगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,
“यह पहल सिर्फ तत्काल गर्मी से राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।”

स्वच्छ और हरित दिल्ली पर फोकस

दिल्ली सरकार की यह दोहरी पहल—एक तरफ धूल-मुक्त सड़कों की योजना और दूसरी ओर ‘कूलिंग जोन’—राजधानी को अधिक स्वच्छ, हरित और जलवायु-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *