RJD में बगावत के सुर! MLC टिकट न मिलने पर रो पड़े शिवचंद्र राम, सभी पदों से दिया इस्तीफा
पटना: बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी द्वारा एमएलसी चुनाव के लिए सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और भावुक होते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, शिवचंद्र राम भी एमएलसी उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल थे और उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन पार्टी ने एक बार फिर सुनील सिंह को उम्मीदवार बना दिया, जिससे वह आहत नजर आए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छलका दर्द, रो पड़े शिवचंद्र राम
मीडिया से बात करते हुए शिवचंद्र Ram भावुक हो गए और बोलते-बोलते उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
उन्होंने कहा,
“मैं 1990 से राजद के साथ हूं। मैंने अपनी राजनीति की शुरुआत राजद से की। लालू प्रसाद यादव जी और तेजस्वी यादव जी के सामाजिक न्याय के विचारों को मजबूती से लोगों तक पहुंचाने का काम किया। पार्टी ने हमें सम्मान दिया, इसके लिए हम आभारी हैं, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों में जो स्थिति बनी, वैसी जिंदगी किसी को न मिले।”
‘चार रातों से सो नहीं पाया’
शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक और समाज के लोग कई दिनों से पटना में इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
उन्होंने कहा,
“मैं चार रातों से सो नहीं पाया हूं। हम पार्टी के मजदूर हैं, कार्यकर्ता हैं, नेता के प्रति श्रद्धा से काम करते रहे। लेकिन हमारे साथ नाइंसाफी हुई। मेरे समाज के लोग, समर्थक और बहुजन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।”
उन्होंने इस दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, वीर चौहरमल और बिरसा मुंडा का जिक्र करते हुए कहा कि दलित और वंचित समाज को इस फैसले से ठेस पहुंची है।
RJD के सभी पदों से इस्तीफा
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शिवचंद्र राम ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद सहित सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियां छोड़ रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल वह पार्टी की सक्रिय सदस्यता नहीं छोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“हमारे साथ वादा खिलाफी हुई है। मुझे आश्वासन दिया गया था। आज मैं पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं, लेकिन सक्रिय सदस्य बना रहूंगा।”
RJD के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
शिवचंद्र राम को RJD का बड़ा दलित चेहरा माना जाता है। वह बिहार सरकार में कला, संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री भी रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने चिराग पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
ऐसे में एमएलसी टिकट को लेकर उनकी नाराजगी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से असहज स्थिति पैदा कर सकती है, खासकर दलित वोट बैंक के लिहाज से।