TMC में बड़ी टूट के संकेत! बागी सांसदों की भूपेंद्र यादव संग बैठक, BJP में शामिल होने की अटकलें तेज
नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के कई सांसदों ने बगावती रुख अपना लिया है और भाजपा नेताओं के साथ उनकी बैठकों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, TMC के कुछ बागी सांसद मंगलवार को भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पहुंचे, जहां एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर बातचीत हुई।
इन सांसदों के नाम आए सामने
जानकारी के मुताबिक, बैठक में शामिल होने वाले सांसदों में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं। इनमें काकली घोष दस्तीदार (बारासात), प्रसून बनर्जी (हावड़ा), शताब्दी रॉय (बीरभूम), असीत माल (बोलपुर), बापी हलदार (मथुरापुर), जून मालिया (मेदिनीपुर), जगदीश बसुनिया (कूचबिहार), कालीपदा सोरेन (झाड़ग्राम), अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा), पार्थ भौमिक (बैरकपुर) और शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व) शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शर्मिला सरकार, अरूप चक्रवर्ती समेत कई सांसद बैठक में मौजूद रहे। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय के भी इस बैठक में शामिल होने की चर्चा है।
सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा
राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने मंगलवार को TMC से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफा पत्र में उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की जनता ने पार्टी में फैले भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा कानून व्यवस्था में कथित विफलताओं को नकार दिया है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि राज्य में व्यापक अव्यवस्था और प्रशासनिक असफलताओं के कारण जनता ने बदलाव का फैसला लिया।
भाजपा सरकार की तारीफ
सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पत्र में भाजपा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बंगाल के इतिहास में पहली बार मतदाताओं ने भाजपा को बड़ी जीत दिलाई है और नई सरकार राज्य के विकास व पुनर्निर्माण के लिए अपने वादों के अनुरूप काम शुरू कर चुकी है।
BJP में शामिल होने की अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TMC के कई सांसद भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इससे पहले राज्य में कई विधायकों द्वारा अलग गुट बनाए जाने की खबरों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।
दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब TMC प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी INDIA गठबंधन की बैठक के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर जारी उठापटक ने ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौती को और बढ़ा दिया है।