• June 8, 2026

CJP के बाद अब ‘इश्क करो पार्टी’ की एंट्री! पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने शुरू किया सदस्यता अभियान

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच अब एक और नए राजनीतिक संगठन की एंट्री ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने ‘IKP’ यानी इश्क करो पार्टी की शुरुआत का ऐलान किया है। इस नई पहल के संरक्षक के रूप में उन्होंने सदस्यता अभियान भी शुरू कर दिया है।

पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि जो लोग ‘इश्क करो पार्टी’ से जुड़ना चाहते हैं, वे इसकी आधिकारिक ईमेल आईडी ishqkaroparty@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

‘मजाक नहीं, गंभीर समस्याओं का समाधान है पहल’

मार्कण्डेय काटजू ने साफ किया कि कई लोग इस पहल को मजाक या केवल लड़के-लड़कियों के प्रेम संबंधों को बढ़ावा देने वाली ‘वैलेंटाइन डे’ जैसी सोच से जोड़ रहे हैं, लेकिन ऐसा समझना गलत होगा। उनके मुताबिक, यह पहल देश की गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याओं से निपटने का एक प्रयास है।

उन्होंने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, बच्चों में कुपोषण, महंगी शिक्षा, कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं और बढ़ती महंगाई जैसी समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब समाज में एकता मजबूत हो। काटजू का मानना है कि वर्तमान समय में समाज जाति और धर्म के आधार पर बंटा हुआ है और राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए इस विभाजन को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘इश्क करो पार्टी’ का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली नफरत को कम कर प्यार, भाईचारे और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके पर साधा निशाना

अपने पोस्ट में मार्कण्डेय काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी तंज कसा। गौरतलब है कि अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए काटजू ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना समाधान नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि एक मंत्री इस्तीफा देता भी है, तो उसकी जगह दूसरा नियुक्त हो जाएगा, ऐसे में मूल समस्या का समाधान कैसे होगा—इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

‘इश्क करो पार्टी’ के ऐलान के बाद सोशल media पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे अनोखी पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक व्यंग्य और सामाजिक संदेश से जोड़कर देख रहे हैं।

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