कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ी सियासी हलचल: सिद्धारमैया आज दिल्ली रवाना, आलाकमान की बैठक में बड़ा फैसला संभव
कर्नाटक कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री Siddaramaiah आज रात 7 बजे की विशेष फ्लाइट से दिल्ली रवाना होंगे। जानकारी के मुताबिक, वह कल सुबह कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करेंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar के भी दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बड़ा फैसला ले सकता है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों को दिल्ली तलब किया है। कल सुबह 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के आवास पर बैठक प्रस्तावित है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों नेताओं की बैठक एक साथ होगी या अलग-अलग।
कैबिनेट फेरबदल या नेतृत्व परिवर्तन?
कर्नाटक की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल कैबिनेट फेरबदल और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर है। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी चाहते हैं। बताया जा रहा है कि शिवकुमार कैबिनेट फेरबदल के समर्थन में नहीं हैं। ऐसे में कल होने वाली बैठक में सत्ता संतुलन को लेकर अहम फैसला सामने आ सकता है।
राज्यसभा सीटों पर भी होगी चर्चा
बैठक में कर्नाटक से खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, एक सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष को भेजने और दूसरी सीट पर किसी लिंगायत चेहरे को मौका देने पर विचार किया जा रहा है। वहीं तीसरी सीट के लिए कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें डीके शिवकुमार के भाई के. सुरेश का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
नेताओं ने क्या कहा?
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “मुझे दिल्ली बुलाया गया है। कल सुबह 11 बजे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात होगी। कल रात मुझे वेणुगोपाल का फोन आया था, जिसमें समय और तारीख की जानकारी दी गई। बैठक का एजेंडा क्या है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। अटकलें लगती रहती हैं।”
वहीं, डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं पता कि सुरजेवाला ने क्या कहा है। मुझे अभी कोई सूचना नहीं मिली है। अगर बुलाया जाएगा तो दिल्ली जाऊंगा, नहीं तो यहीं रहूंगा। मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर मुझे कुछ नहीं कहना है।”
अब कांग्रेस आलाकमान की कल होने वाली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय हो सकती है।