• April 27, 2026

AAP छोड़कर BJP में शामिल होने पर राघव चड्ढा का बड़ा बयान, बोले—‘पार्टी का माहौल हो गया था खराब’

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार खुलकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोमवार को जारी एक वीडियो में उन्होंने अपने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए अरविंद केजरीवाल की पार्टी के भीतर के माहौल पर गंभीर सवाल उठाए।

चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई संदेश मिले—कुछ लोगों ने उन्हें बधाई दी, तो कुछ ने उनके फैसले पर सवाल उठाए और कारण जानना चाहा। इसी के जवाब में उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक की।

उन्होंने बताया कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को खड़ा करने में उन्होंने अपनी जवानी के 15 साल समर्पित किए।

चड्ढा ने कहा, “मैं राजनीति में करियर बनाने नहीं आया था, बल्कि देश सेवा के उद्देश्य से जुड़ा था। लेकिन अब पार्टी पहले जैसी नहीं रही। अंदर का माहौल बिगड़ चुका है, नेताओं को काम करने और संसद में बोलने से रोका जाता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब कुछ “भ्रष्ट और समझौता कर चुके लोगों” के नियंत्रण में है, जो निजी लाभ के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं। उनके अनुसार, उनके सामने तीन विकल्प थे—राजनीति छोड़ना, पार्टी के भीतर रहकर सुधार की कोशिश करना या किसी नए मंच पर जाकर सकारात्मक राजनीति जारी रखना।

इसी के तहत उन्होंने छह अन्य सांसदों के साथ मिलकर पार्टी छोड़ने का फैसला लिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि वे अब भी आम जनता के मुद्दों को पहले से अधिक ऊर्जा और प्रभाव के साथ उठाते रहेंगे।

गौरतलब है कि 24 अप्रैल को राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी पार्टी छोड़कर BJP जॉइन की थी।

चड्ढा ने पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। बाद में इन सातों सांसदों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर BJP में अपनी सदस्यता मान्य करने का अनुरोध किया, जिसे सूत्रों के अनुसार स्वीकार कर लिया गया है।

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