दिल्ली बजट सत्र की शुरुआत के साथ AAP का प्रदर्शन, विधायकों के निलंबन पर बढ़ा विवाद
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज खीर सेरेमनी के साथ शुरू हो गया। यह रेखा गुप्ता सरकार का दूसरा बजट सत्र है, जिसमें मुख्यमंत्री 24 मार्च को अपना दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगी। हालांकि सत्र की शुरुआत से पहले ही सियासी माहौल गरमा गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन पार्टी के चार विधायकों के निलंबन को रद्द न किए जाने के विरोध में किया जा रहा है। AAP का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
चार विधायकों का निलंबन बना मुद्दा
जिन विधायकों का निलंबन अब भी जारी है, उनमें संजीव झा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और सोमदत्त शामिल हैं। इन सभी को जनवरी में हुए पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किया गया था। चूंकि पिछला सत्र औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हुआ, इसलिए इनका निलंबन अभी भी जारी है।
AAP का आरोप: विपक्ष की आवाज दबाई जा रही
इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन पिछले एक साल में भाजपा ने विपक्ष की आवाज दबाने का काम किया है।
आतिशी ने कहा, “जब भी विपक्ष जनहित का मुद्दा उठाता है, विधायकों को सदन से बाहर कर दिया जाता है। चार विधायकों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया और अब उन्हें बजट सत्र में भी शामिल नहीं होने दिया जा रहा है।”
बजट से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
AAP ने सवाल उठाया है कि अगर विपक्ष को बोलने और सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो फिर विधानसभा सत्र बुलाने का क्या औचित्य है।
वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की सरकार अभी तक इस मुद्दे पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाई है।
दिल्ली का यह बजट सत्र अब केवल आर्थिक घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक टकराव का भी बड़ा मंच बनता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच यह गतिरोध कैसे सुलझता है।