असम में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: मंत्री नंदिता गरलोसा ने थामा कांग्रेस का दामन, BJP से टिकट न मिलने पर लिया फैसला
गुवाहाटी: असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नंदिता गरलोसा, जो हिमंत बिस्वा सरमा सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री थीं, अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। यह कदम उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट न दिए जाने के बाद उठाया।
कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, नंदिता गरलोसा दिमा हसाओ जिले की हाफलोंग विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी। इससे पहले कांग्रेस ने इस सीट से अपनी राज्य इकाई के महासचिव निर्मल लंगथासा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने गरलोसा के पक्ष में अपना दावा वापस ले लिया।
कांग्रेस ने गरलोसा का स्वागत करते हुए कहा कि वह पिछले पांच वर्षों से दिमा हसाओ जिले की एक मजबूत आवाज रही हैं और अपने सिद्धांतों के लिए हमेशा दृढ़ता से खड़ी रही हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि BJP में उन्हें अपने रुख की कीमत चुकानी पड़ी, क्योंकि राज्य सरकार का ध्यान आदिवासी क्षेत्रों के विकास के बजाय बड़ी कंपनियों को जमीन देने पर केंद्रित है।
गरलोसा वर्तमान में हाफलोंग सीट से विधायक हैं, लेकिन इस बार BJP ने इस सीट से रुपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाया है। टिकट कटने के बाद गरलोसा ने मंत्री पद और BJP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से पार्टी छोड़ने की घोषणा की।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हाल ही में हाफलोंग स्थित गरलोसा के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। हालांकि, इस बैठक के परिणामों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
गौरतलब है कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में गरलोसा का यह कदम राज्य की चुनावी राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।