बेंगलुरु में भीषण हादसा: बिजली की तार से टकराई प्राइवेट बस में लगी आग, 30 यात्रियों की जान बाल-बाल बची
बेंगलुरु, 6 फरवरी 2026: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नेलमंगला इलाके में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक डरावनी घटना घटी, जिसमें यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस में भीषण आग लग गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में बस में सवार सभी 30 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई, हालांकि उनका सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
हादसा बेंगलुरु रूरल जिले के नेलमंगला तालुक में हनुमंतपुरा गेट के पास आधी रात के करीब 1:30 बजे हुआ। बस बेंगलुरु से कलबुर्गी जा रही थी। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ने अचानक वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क से उतरकर किनारे के नाले में जा गिरी और झुक गई।झुकी हुई बस ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की तार से टकरा गई, जिससे बस में शॉर्ट सर्किट हो गया और तुरंत भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर खाक हो गई। सौभाग्य से, यात्रियों ने आग फैलने से पहले बस से बाहर निकलने में सफलता हासिल कर ली।
नेलमंगला फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी सर्विस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बस को बचाया नहीं जा सका। यात्रियों के सामान, बैग और अन्य निजी सामान पूरी तरह जल गए।पुलिस कार्रवाई
यह बस संजना टूरिस्ट कंपनी की बताई जा रही है। नेलमंगला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने ड्राइवर, बस मालिक और संबंधित पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या बस ओवरलोड थी, ड्राइवर की लापरवाही थी या अन्य कोई तकनीकी खामी थी।
यह बस संजना टूरिस्ट कंपनी की बताई जा रही है। नेलमंगला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने ड्राइवर, बस मालिक और संबंधित पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या बस ओवरलोड थी, ड्राइवर की लापरवाही थी या अन्य कोई तकनीकी खामी थी।
यात्रियों की स्थिति
सभी 30 यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ यात्रियों को मामूली जलन और धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, प्राइवेट बसों के रखरखाव और ड्राइवरों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।
सभी 30 यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ यात्रियों को मामूली जलन और धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, प्राइवेट बसों के रखरखाव और ड्राइवरों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।