• June 11, 2026

योग दिवस 2026: हाई ब्लड प्रेशर और तनाव से राहत दिला सकता है बद्ध कोणासन, जानें सही तरीका और फायदे

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले आयुष मंत्रालय देशभर के लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, काम का बढ़ता दबाव और मानसिक तनाव लोगों में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) जैसी समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। ऐसे में योग विशेषज्ञ बद्ध कोणासन को एक प्रभावी आसन मानते हैं, जो तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में सहायक हो सकता है।

क्या है बद्ध कोणासन?

बद्ध कोणासन, जिसे अंग्रेजी में Bound Angle Pose कहा जाता है, एक सरल और लोकप्रिय योग मुद्रा है। यह शरीर के निचले हिस्से को सक्रिय करने, लचीलापन बढ़ाने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मददगार माना जाता है।

बद्ध कोणासन करने का सही तरीका

  • किसी समतल स्थान पर सीधे बैठ जाएं।
  • दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
  • एड़ियों को शरीर की ओर खींचें और घुटनों को दोनों ओर आराम से फैलने दें।
  • दोनों हाथों से पैरों की उंगलियां या पंजे पकड़ें।
  • रीढ़ सीधी रखते हुए गहरी और धीमी सांस लें।
  • इस स्थिति में कुछ मिनट तक बने रहें और सामान्य रूप से श्वास लेते रहें।

हाई ब्लड प्रेशर में कैसे मददगार हो सकता है?

योग विशेषज्ञों के अनुसार, बद्ध कोणासन शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है और पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर सकता है। इससे तनाव कम होने, मन शांत रहने और हृदय की धड़कन को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है। नियमित रूप से गहरी सांसों के साथ इस आसन का अभ्यास करने से मानसिक तनाव, थकान और चिंता के स्तर में कमी महसूस की जा सकती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से रक्तचाप प्रबंधन में सहायक हो सकता है।

नियमित अभ्यास के संभावित लाभ

  • तनाव और मानसिक दबाव कम करने में मदद
  • शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय बनाना
  • रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक
  • शरीर में लचीलापन बढ़ाना
  • मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखना
  • दिनभर की थकान और बेचैनी कम करना

किन लोगों के लिए फायदेमंद?

यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तनावपूर्ण जीवनशैली जीते हैं या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को घुटनों, कूल्हों या रीढ़ से जुड़ी गंभीर समस्या है, तो योग प्रशिक्षक या डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका अभ्यास करना चाहिए।

योग को बनाएं रोजमर्रा की आदत

आयुष मंत्रालय ने युवाओं, कामकाजी लोगों और वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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