• August 10, 2026

पनीर समझकर कहीं ‘एनालॉग पनीर’ तो नहीं खा रहे? जानें क्या है नकली पनीर और सेहत पर इसके नुकसान

पनीर भारतीय खान-पान का एक लोकप्रिय हिस्सा है। खासकर प्रोटीन और कैल्शियम के लिए शाकाहारी डाइट लेने वाले लोग पनीर को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। घर की सब्जी से लेकर होटल और रेस्टोरेंट के मेन्यू तक, पनीर से बनी कई डिश आसानी से मिल जाती हैं।

लेकिन क्या जिस पनीर को आप दूध से बना हुआ समझकर खा रहे हैं, वह वास्तव में पारंपरिक डेयरी पनीर ही है? इन दिनों ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर चर्चा तेज है। यह पारंपरिक पनीर से अलग तरीके और अलग सामग्री से तैयार किया जाता है। सबसे बड़ी चिंता इसकी पहचान और लेबलिंग को लेकर है, क्योंकि उपभोक्ता कई बार इसे सामान्य पनीर समझकर खरीद सकते हैं।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर महेंद्र सिंह राजपूत के अनुसार, पारंपरिक पनीर दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

वहीं, एनालॉग पनीर में दूध के बजाय या दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य योजकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए इसकी पोषण संरचना पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग हो सकती है।

पनीर की जगह ‘एनालॉग’ क्यों इस्तेमाल किया जाता है?

एनालॉग पनीर पारंपरिक पनीर की तुलना में कम लागत में तैयार किया जा सकता है। इसका टेक्सचर और स्वाद भी इस तरह तैयार किया जा सकता है कि सामान्य उपभोक्ता के लिए इसे पारंपरिक पनीर से अलग पहचानना मुश्किल हो।

यही वजह है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले पनीर की गुणवत्ता और उसकी सही लेबलिंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

क्या एनालॉग पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम कम होता है?

पारंपरिक पनीर दूध से बनता है, इसलिए इसमें दूध के प्राकृतिक प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। दूसरी ओर, एनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाली सामग्री अलग होने के कारण इसका पोषण मूल्य भी अलग हो सकता है।

यदि किसी उत्पाद में दूध आधारित सामग्री की जगह अधिक मात्रा में स्टार्च या वनस्पति वसा का इस्तेमाल किया गया है, तो उसे पारंपरिक पनीर के बराबर प्रोटीन और कैल्शियम वाला मानना सही नहीं होगा।

इसलिए केवल ‘पनीर’ नाम देखकर यह मान लेना कि उत्पाद में पारंपरिक पनीर जितना पोषण मौजूद है, जरूरी नहीं है।

नकली या मिलावटी पनीर से क्या नुकसान हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, घटिया गुणवत्ता वाले या गलत तरीके से तैयार किए गए पनीर में पोषण की कमी के साथ-साथ माइक्रोबियल और केमिकल कंटेमिनेशन का खतरा भी हो सकता है।

अगर किसी खाद्य उत्पाद में खराब गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल हुआ है या उसे अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और स्टोर किया गया है, तो उसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना अधिक जरूरी है।

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर को लेकर बड़ा कदम

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इस उत्पाद को लेकर देशभर में चर्चा बढ़ी है। इस कदम के पीछे उपभोक्ताओं को पारंपरिक डेयरी पनीर और नॉन-डेयरी उत्पादों के बीच अंतर स्पष्ट करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की चिंता प्रमुख रही है।

असली पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

पनीर खरीदते समय केवल कीमत या दिखावट पर निर्भर न रहें। पैकेट वाला उत्पाद खरीद रहे हैं तो लेबल, सामग्री (Ingredients), निर्माता की जानकारी और FSSAI से जुड़ी जानकारी जरूर देखें।

रेस्टोरेंट या होटल में पनीर की गुणवत्ता को पहचानना आसान नहीं होता। इसलिए किसी भी संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचना बेहतर है।

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। यह किसी बीमारी का इलाज या व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह नहीं है। अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर योग्य डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें।

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