बिहार सरकार का बड़ा फैसला: स्कूल-कॉलेज जाएंगे मंत्री, सांसद और DM, छात्रों की समस्याओं का 30 दिन में होगा समाधान
पटना: बिहार सरकार ने छात्रों और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला एवं चिंतन शिविर में ऐलान किया कि राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में मंत्री, सांसद, विधायक और जिलाधिकारी (DM) जाकर छात्रों से सीधे संवाद करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को समझना, उनके सुझाव लेना और शिक्षा व्यवस्था को अधिक छात्र-केंद्रित बनाना है।
30 दिनों में होगा शिकायतों का निस्तारण
सरकार की नई व्यवस्था के तहत छात्रों से प्राप्त सभी शिकायतों और सुझावों को एक विशेष डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाए। यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री स्तर पर हर महीने विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां लंबित मामलों की समीक्षा होगी।
शिक्षा सुधार के लिए चार बड़े फैसले
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चार प्रमुख घोषणाओं की जानकारी दी।
1. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति
राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सुझाव देगी।
2. परीक्षा सुधार में AI का उपयोग
परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक अलग राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति गठित की जाएगी। यह समिति बोर्ड परीक्षाओं और कक्षा आधारित मूल्यांकन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर सुझाव देगी।
3. जन-संवाद के जरिए छात्रों की समस्याओं का समाधान
सरकार की नई योजना के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी सीधे स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे। इस दौरान छात्रों की समस्याएं और सुझाव दर्ज किए जाएंगे, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
4. छात्र कल्याण निदेशालय का गठन
छात्रों से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए विशेष छात्र कल्याण निदेशालय बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुंचे।
‘छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था’ पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाना है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा, आधुनिक परीक्षा प्रणाली और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है।