पीएम मोदी से मिले शरद पवार गुट के सभी 8 सांसद, परिसीमन बिल को लेकर तेज हुई सियासी चर्चा
नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के सभी आठ सांसदों ने सोमवार को पार्टी की लोकसभा ग्रुप लीडर सुप्रिया सुले के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। करीब 15 से 20 मिनट चली इस बैठक में सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखा।
हालांकि, इस मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा परिसीमन (Delimitation) बिल को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इन अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सांसदों ने उठाए क्षेत्रीय विकास के मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान विभिन्न सांसदों ने अपने क्षेत्रों की प्रमुख परियोजनाओं और विकास संबंधी मांगों पर प्रधानमंत्री से चर्चा की।
- बीड के सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर के उजनी डैम से बीड जिले तक पानी पहुंचाने की मांग उठाई।
- शिरूर के सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े विवाद का मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष रखा।
- भिवंडी के सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम दिवंगत नेता डी. बी. पाटिल के नाम पर रखने की मांग की।
- बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
परिसीमन बिल पर बढ़ीं अटकलें
बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि शरद पवार गुट भविष्य में परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन कर सकता है।
हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। सुप्रिया सुले पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक समीकरण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
22 जुलाई के बाद दूसरी अहम मुलाकात
गौरतलब है कि इससे पहले 22 जुलाई को भी शरद पवार और सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अब सभी आठ सांसदों की सामूहिक बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
चूंकि लोकसभा में पार्टी के पास आठ सांसद हैं, इसलिए इस मुलाकात को आगामी संसदीय रणनीति और महाराष्ट्र की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात का उद्देश्य महाराष्ट्र की विकास योजनाओं और सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।
उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी पार्टी FCRA विधेयक का विरोध करेगी और इस मुद्दे पर उसका रुख पहले जैसा ही है।
नवनीत राणा ने दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र भाजपा की नेता नवनीत राणा ने इस मुलाकात का स्वागत करते हुए कहा कि यदि महाराष्ट्र के विकास के लिए शरद पवार गुट के सांसद प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है।
उन्होंने कहा,
“अगर शरद पवार जी के सांसद महाराष्ट्र के विकास और प्रगति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल रहे हैं, तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है।”
राजनीतिक हलकों में जारी हैं चर्चाएं
हालांकि बैठक को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन अब तक न तो एनसीपी (शरद पवार) और न ही केंद्र सरकार की ओर से किसी नए राजनीतिक समीकरण या समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक संकेत दिया गया है। फिलहाल इसे सांसदों और प्रधानमंत्री के बीच विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई नियमित बैठक के तौर पर देखा जा रहा है।