यूपी पंचायत चुनाव पर सस्पेंस बरकरार, विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राज्य में 2021 में हुए चुनावों के बाद इस बार समय पर चुनाव होने की संभावना कम नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद कराए जा सकते हैं।
पंचायत चुनाव से पहले Other Backward Classes Commission की रिपोर्ट जरूरी है, जिसके आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय किया जाएगा।
नए आयोग को राज्य के सभी 75 जिलों में आरक्षण तय करने में समय लगेगा। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों के लिए सीटों का आरक्षण फाइनल नहीं हो सकता।
पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट 15 अप्रैल को जारी होने की संभावना है, लेकिन आरक्षण तय न होने की वजह से चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ सकता है।
मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 27 मई 2021 से शुरू हुआ था, जो 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा।
यह मुद्दा Allahabad High Court में भी पहुंच चुका है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव कार्यक्रम और समयसीमा को लेकर जवाब मांगा है।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “मामला कोर्ट में है और कोर्ट जो भी आदेश देगा, सरकार उसका पालन करेगी।” फिलहाल पंचायत चुनाव की तारीखों का इंतजार जारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ है कि चुनाव समय पर होना मुश्किल नजर आ रहा है।