गोधरा में कौमी एकता की मिसाल: मुस्लिम बहुल वार्ड से हिंदू महिला अपेक्षा सोनी की ऐतिहासिक जीत
गुजरात के गोधरा शहर में इस बार निकाय चुनावों में एक अनोखी और ऐतिहासिक घटना सामने आई है। वार्ड नंबर 7, जिसे पूरी तरह मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है और जहां एक भी हिंदू मतदाता नहीं है, वहां से सोनी समाज की हिंदू महिला अपेक्षा सोनी ने जीत दर्ज कर एक नई मिसाल कायम की है।
गोधरा शहर का इतिहास सांप्रदायिक तनाव और दंगों से जुड़ा रहा है, जो 2002 तक कई बार देखने को मिला। ऐसे माहौल के बीच इस चुनाव परिणाम को सामाजिक सौहार्द और भरोसे का प्रतीक माना जा रहा है।
अपनी जीत के बाद अपेक्षा सोनी ने कहा कि गोधरा में पहले कई बार दंगे हुए, लेकिन इस बार मुस्लिम समाज ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया है। उन्होंने इसे कौमी एकता की मिसाल बताते हुए कहा कि वे क्षेत्र की सभी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने उन पर विश्वास जताया है, उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी।
वहीं, गुजरात निकाय चुनावों में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य में 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ, जिसमें करीब 10,000 सीटों पर 25,000 से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।
दिंद्रोल तालुका पंचायत सीट पर AIMIM उम्मीदवार ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को हराकर जीत हासिल की है। इसके अलावा, सिद्धपुर पंथक क्षेत्र में भी AIMIM ने पहली बार अपना खाता खोला है। यहां अब्बास अलीमद असामी को 1877 वोटों से विजेता घोषित किया गया।
यह चुनाव परिणाम जहां एक ओर राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक समरसता और विश्वास की नई कहानी भी बयां करता है।