रूस-ईरान नजदीकी बढ़ी, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच पुतिन ने शांति की पैरवी की
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और रूस के रिश्ते और मजबूत होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि वह तेहरान का हरसंभव समर्थन करने के लिए तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ बैठक के बाद कहा कि क्षेत्र में बड़े बदलाव और अस्थिरता के इस दौर में रूस के साथ उच्च स्तर की बातचीत बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पुतिन को मौजूदा युद्ध की स्थिति से अवगत कराया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पहले अप्रैल में दोनों देशों के बीच हुई प्रारंभिक वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी।
मुलाकात के दौरान पुतिन ने ईरानी जनता की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए साहस और दृढ़ता से संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि रूस इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगा।
अराघची ने रूस और ईरान के संबंधों को “उच्चतम स्तर की रणनीतिक साझेदारी” बताते हुए कहा कि यह साझेदारी मौजूदा परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने रूस के समर्थन के लिए आभार भी जताया और कूटनीतिक प्रयासों में सहयोग का स्वागत किया।
वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बैठक को “उपयोगी और रचनात्मक” बताया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।
इस बीच, अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान और ओमान का भी दौरा किया, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर चर्चा की।
गौरतलब है कि क्षेत्र में मौजूदा संघर्ष ने व्यापक अस्थिरता पैदा कर दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में रूस और ईरान की बढ़ती नजदीकी वैश्विक राजनीति में एक अहम संकेत मानी जा रही है।