दिल्ली पुलिस के जांबाजों का सम्मान: जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रमोशन, नकद इनाम और अवॉर्ड
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा देने वाले अपने जांबाज पुलिसकर्मियों को शनिवार को सम्मानित किया। पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कार, आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन और नकद इनाम देकर सम्मानित किया।
इस दौरान मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में आग हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाले पुलिसकर्मियों को असाधारण कार्य पुरस्कार दिया गया, जबकि महरौली में हुए बिल्डिंग हादसे में मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले दो सिपाहियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया।
मलबे से लोगों को बचाने वाले सिपाहियों को प्रमोशन
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के विमर्श कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में दक्षिण जिले के महरौली थाने में तैनात कांस्टेबल अंगद सिंह मीणा और कांस्टेबल मनीष कुमार को उनके साहसिक कार्य के लिए आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देकर हेड कांस्टेबल बनाया गया।
इन दोनों पुलिसकर्मियों ने 30 मई को महरौली में हुए एक बिल्डिंग हादसे के दौरान अपनी जान जोखिम में डालते हुए मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। उनके इस साहसिक कदम की पुलिस विभाग ने विशेष सराहना की।
आग हादसे में रेस्क्यू करने वाले 8 पुलिसकर्मी सम्मानित
मालवीय नगर के हौजरानी स्थित ‘फ्लरिश स्टे’ में 3 जून को लगी भीषण आग के दौरान बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए विदेशी नागरिकों समेत कई लोगों की जान बचाने वाले 8 पुलिसकर्मियों को असाधारण कार्य पुरस्कार और 50-50 हजार रुपये का नकद इनाम दिया गया।
सम्मानित पुलिसकर्मियों में:
- एसआई राम किशन
- हेड कांस्टेबल करतार
- हेड कांस्टेबल हरज्ञान
- हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार
- हेड कांस्टेबल संपत
- कांस्टेबल सुरेंद्र
- कांस्टेबल रवि कांत
- कांस्टेबल संजय
शामिल हैं।
अन्य श्रेणियों में भी बांटे गए सम्मान
समारोह के दौरान पुलिस कमिश्नर ने उत्कृष्ट जांच करने वाले अधिकारियों के अलावा बेस्ट डिवीजन ऑफिसर, बेस्ट बीट ऑफिसर, बेस्ट ट्रैफिक कॉप और बेस्ट पीसीआर टीम के विजेताओं को भी सम्मानित किया।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि इस तरह के सम्मान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों को पहचान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कठिन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से अन्य जवानों को भी प्रेरणा मिलती है।