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भारत को 2047 तक विकसित बनाने में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी : रामनाथ कोविंद

नई दिल्ली, 03 अगस्त । पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद आज जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस द्वारा भारत मंडपम में आयोजित 5वें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मारक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।

कोविंद ने कहा कि हमारा देश अमृत काल के आरंभिक दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2047 तक, जब हम स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे, तब तक भारत को विभिन्न आयामों पर विश्व के शीर्ष देशों में शामिल करना हमारा सामूहिक अभियान है। उन्होंने कहा कि यह युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कोविंद ने व्याख्यान की थीम ‘नया युग, नई ऊंचाइयां’ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु के रूप में पुन: स्थापित करने की दिशा में मार्ग संधान करना इस आयोजन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से और लगातार वैश्विक नेता के रूप में अपना स्थान पुनः प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कोविंद ने शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति जयपुरिया समूह की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि नये युग का निर्माण और उन्नति के नये शिखरों तक पहुंचना विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ा हुआ है।

पूर्व राष्ट्रपति ने भारत की विश्व गुरु की कल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि सही मायनों में विश्व गुरु उस देश को माना जाता है जिसे अन्य देश अनुकरणीय मानें तथा मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमारी ऐसी बहुत सारी उपलब्धियां हैं। इस संबंध में उन्होंने डिजिटल भुगतान, कोरोना रोधी वैक्सीन, महामारी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में उछाल, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास भारत के अंतरिक्ष यान उतारने और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों की युद्धग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित वापसी सहित तमाम उदाहरणों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में से 46 प्रतिशत भारत में होता है। विश्व के सभी विकसित देश हमारी इस उपलब्धि से आश्चर्यचकित हैं। कोविंद ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इस वर्ष के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रर्ड मतदाताओं की संख्या करीब 97 करोड़ थी। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की इतनी बड़ी संख्या का प्रबंधन अपने आप में विश्व के लिए भी अनूठा है। भारत के चुनाव आयोग से कई देशों के संस्थान प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

कोविंद ने कहा कि वह इन सभी उदाहरणों को विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में हमारे बढ़ते हुए कदमों के प्रमाण के रूप में मानता हूं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि विरासत और विकास तथा परंपरा और आधुनिकता के बीच प्रभावी संतुलन बनाए रखते हुए हमारा देश समग्र विकास के अभूतपूर्व शिखरों तक एक दिन अवश्य पहुंचेगा।

इस मौके पर जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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