राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी DGP, 4 साल बाद प्रदेश को मिला पूर्णकालिक पुलिस प्रमुख
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से उनकी नियुक्ति को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। करीब चार साल बाद उत्तर प्रदेश को पूर्णकालिक डीजीपी मिला है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पैनल में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। इनमें से राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया स्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया है।
स्थायी डीजीपी बनाए जाने के बाद राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस विभाग से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था और उनका गृह जनपद गौतम बुद्ध नगर है। उनके पिता का नाम एच.के. मित्तल है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वे 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और पुलिस प्रशासन में उनकी कार्यकुशलता के लिए उन्हें जाना जाता है।
अपने लंबे सेवाकाल के दौरान राजीव कृष्ण ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। इनमें पुलिस मेडल, पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस और राष्ट्रपति पुलिस पदक शामिल हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 के बाद से कोई स्थायी डीजीपी नियुक्त नहीं था और वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। राजीव कृष्ण ने 1 जून 2025 को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में पदभार संभाला था और अब उन्हें पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, किसी भी राज्य के स्थायी डीजीपी को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाना अनिवार्य है। ऐसे में माना जा रहा है कि राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश पुलिस की कमान लंबे समय तक संभाल सकते हैं, जिससे विभाग में स्थिरता और प्रशासनिक निरंतरता बनी रह सकती है।