परिसीमन बिल पर कांग्रेस का रुख साफ, विजय वडेट्टीवार बोले- इंडिया गठबंधन मिलकर तय करेगा रणनीति
परिसीमन बिल को लेकर जारी राजनीतिक चर्चा के बीच कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि यदि संसद में हर राज्य में सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा कोई बिल आता है, तो इस पर INDIA गठबंधन के सभी दल मिलकर रणनीति तय करेंगे।
यह बयान ऐसे समय आया है जब चर्चा है कि केंद्र सरकार संसद के आगामी मॉनसून सत्र में परिसीमन बिल पेश कर सकती है। इससे पहले NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
विपक्ष के समर्थन की खबरों को कांग्रेस ने बताया गलत
विजय वडेट्टीवार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि विपक्षी दलों ने परिसीमन प्रक्रिया का समर्थन कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले का बयान सही है और विपक्ष की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में भी बीजेपी की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रस्ताव या बिल सामने नहीं आया था।
“बिल आने के बाद INDIA गठबंधन करेगा बैठक”
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और शरद पवार की NCP-SP ने परिसीमन को लेकर कोई एकतरफा समर्थन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही ऐसी खबरें भ्रम पैदा करने वाली हैं।
उन्होंने कहा, “जब भी किसी राज्य में 50 फीसदी सीटें बढ़ाने का आधिकारिक बिल संसद में आएगा, तब INDIA गठबंधन के सभी दल एक साथ बैठेंगे। बैठक में चर्चा के बाद ही तय किया जाएगा कि इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाना है और आगे की रणनीति क्या होगी।”
सुप्रिया सुले ने भी उठाए थे सवाल
इससे पहले NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने परिसीमन बिल को लेकर कहा था कि पार्टी की भूमिका को लेकर चल रही खबरें केवल सूत्रों के आधार पर हैं और पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब तक नया बिल सामने नहीं आता, तब तक इस पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा सकती।
सुप्रिया सुले ने यह भी कहा कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया जाता है तो दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से हर राज्य में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के फॉर्मूले की बात कही गई थी।
परिसीमन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। खासतौर पर दक्षिण भारतीय राज्यों की ओर से यह चिंता जताई जा रही है कि जनसंख्या आधारित सीटों के पुनर्गठन से उन राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है।
अब सबकी नजर संसद में पेश होने वाले संभावित बिल और INDIA गठबंधन की आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।