पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग की शिकार बनी 9 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई बच्ची, पीएम अल्बनीज ने मांगी निष्पक्ष जांच
इस्लामाबाद/लाहौर: पाकिस्तान में छुट्टियां मनाने आई पाकिस्तानी मूल की 9 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों में चिंता पैदा कर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पाकिस्तान सरकार से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हज यात्रा के बाद पाकिस्तान पहुंचा था परिवार
रिपोर्ट्स के अनुसार, हानिया अहमद अपने पिता अदील अहमद, मां डॉ. सिदरा खान और भाई आफान के साथ हाल ही में सऊदी अरब में हज यात्रा पूरी करने के बाद पाकिस्तान पहुंची थी। परिवार चकवाल जिले में रिश्तेदारों से मिलने आया हुआ था।
लूटपाट की कोशिश के दौरान हुआ हादसा
10 जून की रात परिवार किराए की कार से रिश्तेदार के घर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए हानिया के पिता ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, टीम को देखकर संदिग्ध फरार हो गए। इसी दौरान परिवार की कार भी तेजी से आगे बढ़ी, जिसे पुलिस ने कथित तौर पर संदिग्धों का वाहन समझ लिया।
पुलिस फायरिंग में बच्ची की मौत
आरोप है कि पुलिस ने कार पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस फायरिंग में हानिया, उसके पिता और भाई घायल हो गए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हानिया को मृत घोषित कर दिया। परिवार का दावा है कि सबसे पहले पुलिस ने गोली चलाई, जबकि पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की ओर से पहले फायरिंग की गई थी और जवाबी कार्रवाई में यह घटना हुई।
पुलिसकर्मी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले के बाद गोली चलाने वाले पुलिसकर्मी को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया ने जताई चिंता
घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान सरकार से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की भी मामले पर नजर बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
घटना के बाद सोशल मीडिया पर परिवार की कार की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें वाहन पर गोलियों के कई निशान दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और जिम्मेदारी किसकी बनती है।