ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में नए कोर्स और आधुनिक सुविधाओं का बड़ा विस्तार, 57 शिक्षकों की होगी भर्ती
लखनऊ:
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तकनीकी एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की शुरुआत, खेल और सांस्कृतिक सुविधाओं के विस्तार तथा शिक्षकों की नियुक्ति समेत कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को जल्द लागू करने का खाका तैयार किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए चार मंजिला अत्याधुनिक भवन का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा। इस भवन में आधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी।
खेल और सांस्कृतिक सुविधाओं का विस्तार
छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में खेल एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2026 से छात्रों को टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट की सुविधा मिलेगी। साथ ही, लगभग 1200 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक प्रेक्षागृह, कंप्यूटर सेंटर और बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
57 पदों पर शिक्षकों की भर्ती
शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सेकंड फाइनेंस योजना के तहत एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। फिलहाल 14 विषयों में कुल 57 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
रोजगारोन्मुख नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू
इस शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में कई नए और रोजगार आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें B.Tech साइबर सिक्योरिटी, B.Tech आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, M.Tech बायोटेक्नोलॉजी, M.Sc माइक्रोबायोलॉजी, ट्रांसलेशन डिप्लोमा (हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी और फ्रेंच) तथा फिल्म एंड टेलीविजन डिप्लोमा जैसे कोर्स शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से लैस करना है।
2026 में NIRF रैंकिंग पर फोकस
कुलपति प्रो. तनेजा ने कहा कि वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय को नए और मजबूत आंकड़ों के साथ NIRF रैंकिंग में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा को और मजबूती मिल सके।
कुलपति के अनुसार, विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ज्ञान, नवाचार और व्यावहारिक कौशल के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे छात्र आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
