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Father’s Day 2026: पापा को गाने से करें विश, लता मंगेशकर का 59 साल पुराना यह गीत आज भी छू लेता है दिल

नई दिल्ली: फादर्स डे के खास मौके पर लोग अपने पिता के प्रति प्यार और सम्मान व्यक्त करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कोई उन्हें उपहार देता है तो कोई सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करता है। लेकिन अगर आप अपने पापा को किसी खास गीत के जरिए फादर्स डे की शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो लता मंगेशकर का 59 साल पुराना गीत “सात समंदर पार से” एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

इस गीत के बोल — “सात समंदर पार से, गुड़ियों के बाजार से, अच्छी सी गुड़िया लाना, गुड़िया चाहे ना लाना, पप्पा जल्दी आ जाना…” — आज भी लाखों लोगों की भावनाओं को छू लेते हैं। यही वजह है कि फादर्स डे के अवसर पर यह गीत अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगता है।

1967 की फिल्म का यादगार गीत

“सात समंदर पार से” वर्ष 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘तकदीर’ का लोकप्रिय गीत है। फिल्म में भारत भूषण और शालिनी मारडोलकर मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। वहीं अभिनेत्री फरीदा जलाल ने इसी फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। फिल्म की कहानी एक ऐसी विधवा महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कठिन परिस्थितियों में एक नया फैसला लेने पर मजबूर हो जाती है।

सुलक्षणा पंडित का था शुरुआती सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गीत में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के साथ प्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित ने भी अपनी आवाज दी थी। संगीत परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुलक्षणा पंडित ने कम उम्र में ही गायन की दुनिया में कदम रख दिया था। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म तकदीर के इस गीत के जरिए अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनके चाचा प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज थे, जबकि संगीतकार जोड़ी ललित-जतिन उनके छोटे भाई हैं।

आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है गीत

दशकों पुराने इस गीत की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब पर यह गाना लगातार सुना जाता है। फादर्स डे के दौरान इसकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है, क्योंकि गीत के बोल पिता और बच्चों के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को खूबसूरती से दर्शाते हैं। कई श्रोता इस गीत को सुनकर अपने बचपन की यादों में खो जाते हैं, जबकि कुछ लोग अपने माता-पिता के संघर्ष और त्याग को याद कर भावुक हो जाते हैं।

फादर्स डे पर क्यों है खास?

“सात समंदर पार से” सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि पिता के इंतजार, उनके प्रति प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव की कहानी है। यही वजह है कि यह गाना पीढ़ियों से लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है और फादर्स डे जैसे अवसरों पर फिर से चर्चा में आ जाता है। अगर इस फादर्स डे पर आप अपने पिता को कुछ अलग अंदाज में यादगार शुभकामना देना चाहते हैं, तो यह सदाबहार गीत आपकी भावनाओं को खूबसूरती से बयां कर सकता है।

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