चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से, 18 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
राज्य सरकार पिछले चार महीनों से यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है और इस बार भी सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का दावा किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 18 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। यह यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ तक जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में अप्रैल-मई के दौरान ठंड अधिक रहती है, इसलिए श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी गई है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
पिछले वर्षों की बात करें तो 2025 में करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 2024 में यह आंकड़ा लगभग 45.45 लाख रहा था। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है।
गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप के अनुसार, पूरे यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हरिद्वार से लेकर सभी धामों तक थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है।
इस बीच मौसम विभाग ने 21 अप्रैल तक राज्य में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने बताया कि सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा के दौरान लगभग 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें एडिशनल एसपी से लेकर कांस्टेबल स्तर तक के जवान शामिल हैं। साथ ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों की मांग की गई है, जिनके मई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है।
यात्रा मार्ग पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। साथ ही SDRF, PWD और BRO की टीमों के साथ आवश्यक मशीनरी भी तैनात की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
📅 चारधाम यात्रा 2026: कपाट खुलने की तिथियां
- यमुनोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
- गंगोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
- केदारनाथ धाम – 22 अप्रैल 2026
- बद्रीनाथ धाम – 23 अप्रैल 2026
सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।