संसद स्थगित: महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर टकराव, बीजेपी–कांग्रेस आमने-सामने
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद महिला आरक्षण से जुड़े ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और परिसीमन प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इन विधेयकों के पारित न हो पाने पर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
इसी बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ “निंदा प्रस्ताव” पारित किया जाए।
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन योजना का समर्थन करना विपक्ष के लिए संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर वह वास्तव में गंभीर है, तो 2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है, तो सभी विपक्षी दल उसका समर्थन करेंगे। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और उसके बहकावे में नहीं आएगी।
शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, 18वीं लोकसभा के सातवें सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं, जिनमें सदन की कार्यवाही 151 घंटे 42 मिनट तक चली। इस दौरान सदन की कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही।
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख नेता सदन में मौजूद रहे।