राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्रद्धेय माधव सदाशिवराव गोलवलकर का जीवन हिन्दू समाज के संगठन, उसके प्रबोधन एवं सामाजिक-जातिगत विषमताओं को समाप्त करके एकरस समाज के निर्माण के लिए समर्पित रहा है। जातिगत ऊंच-नीच एवं अस्पृश्यता को समाप्त करने की दिशा में श्रीगुरुजी के प्रयासों से एक बड़ा और उल्लेखनीय कार्य हुआ, जब 13-14 दिसंबर, 1969 को उडुपी में आयोजित धर्म संसद में देश के प्रमुख संत-महात्माओं ने एकसुर में समरसता मंत्र का उद्घोष […]Read More
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा एक से 15 जुलाई तक मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा के तहत भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन बेगूसराय के सौजन्य से आज नाट्य संस्था रंगपुष्प द्वारा नाटक ”स्वच्छता से ही सुंदरता” का सफल मंचन विभिन्न स्थानों पर किया गया। चर्चित अभिनेत्री खुशबू कुमारी द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक ”स्वच्छता से ही सुंदरता” को देखकर बड़ी संख्या में लोग जागरूक हुए। गन्दगी के खिलाफ और सफाई की प्रेरणा देता नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने […]Read More
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि युवा हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है। इन्हें अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग देश और समाज के हित में करना चाहिए। शिक्षा मंत्री शिक्षक और विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। दुजारी गली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवा समय का सदुपयोग करें और अपना शत प्रतिशत योगदान देशहित में करें। यह देश के सर्वांगीण विकास के […]Read More
सोमवार को हो रहे 696 मतदान केंद्रों पर पंचायत चुनाव के लिए पुनर्मतदान के दौरान भी अजीबो-गरीब घटनाएं सामने आ रही हैं। घटना उत्तर 24 परगना के बारुइपुर इलाके की है। यहां सीताकुंडू पूरी इलाके में एक व्यक्ति जब मतदान करने पहुंचा तो पता चला कि सरकारी खाते में वह मृत है। व्यक्ति का नाम इस्मातारा मोल्ला है। उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वोटिंग की थी। उसके बाद से आज जब […]Read More
आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, भौतिक तथा अन्य सभी दृष्टियों से समाज का उत्थान हमारे संतों-महापुरुषों के द्वारा ही हुआ है। संतों ने ही एक दूसरे को उन्नत करने का भाव तथा मानव को महामना बनाने वाला धर्म, संस्कृति के सिद्धान्तों को समाज में स्थापित किया। उन्होंने समाज के पिछड़े, अभावग्रस्त लोगों को भोजन, भजन, कीर्तन, सत्संग लाभ एवं जीवनोपयोगी वस्तुएं व आर्थिक सहायता देकर उन्हें स्वधर्म के प्रति निष्ठावान बनाया व धर्मांतरण से बचाया। समाज सदैव उनका […]Read More






