दिवंगत जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ने सोमवार को झारखंड सरकार में 11वें मंत्री के रूप में शपथ ली। बेबी देवी को राजभवन के दरबार हॉल में सोमवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन सहित कई नेता और मंत्रियों ने हिस्सा लिया। हालांकि इस शपथ ग्रहण समारोह में झामुमो के कई मंत्रियों व नेताओं को इंट्री नहीं मिलने […]Read More
मणिपुर सरकार ने राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपनी कारों पर झंडे लगाने की अनुमति दी है। राज्यपाल अनुसुइया उइके के आदेश पर गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश के जरिए इसे आज से लागू किया गया है। आदेश में कहा गया है कि मणिपुर में केंद्रीय बलों की तैनाती की वजह से सरकारी कामकाज के लिए निकलने वाले पदाधिकारियों को हो रही कठिनाइयों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि पहले […]Read More
पुष्कर सिंह धामी से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भेंट कर उत्तराखंड राज्य से संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए 1774 करोड़ की धनराशि का वित्त पोषण भारत सरकार से विशेष सहायता के अन्तर्गत कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों और सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए बाह्य सहायतित परियोजनाओं की […]Read More
सीएम योगी ने गोरक्षनाथ मंदिर में की गुरु पूजा
भारतीय सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर बताया गया है। प्रत्येक साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का यह त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता यह है की पूर्णिमा के दिन वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसे गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। “गु” का अर्थ अन्धकार या अज्ञान होता है और “रु” का अर्थ रोशनी होता है, अथार्थ एक गुरु ही […]Read More
अजित पवार के चाचा भी हैं शरद पवार और गुरु भी। चेले ने जो सीखा उसका शक्ति प्रदर्शन अपने गुरु पर ही कर दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और उनकी एनसीपी की जो गत हुई है उसके पीछे की कहानी समझ पाना आसान नहीं है। ये साजिश है, स्वार्थ है या सुनियोजित योजना के तहत सब कुछ हुआ है ! अभी कुछ भी कहा जाना मुश्किल है। कारण बहुत सारे हो सकते हैं। […]Read More






