पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की प्रचंड जीत, सीएम चयन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों राज्यों में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार बनना तय हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चयन को लेकर है, जिसके लिए पार्टी ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।
पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व यहां विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।
वहीं, असम में विधायक दल के नेता के चयन के लिए बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
गौरतलब है कि 4 मई को घोषित हुए चुनाव परिणामों में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस और अन्य दलों का प्रदर्शन भी सीमित रहा।
असम में भी बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत प्राप्त किया। कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं, जबकि अन्य दलों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटों पर जीत हासिल की। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा।
दोनों ही राज्यों में विपक्ष कमजोर नजर आया है, जिससे बीजेपी को प्रचंड जनादेश मिला है। हालांकि, अब तक मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इसी कारण पार्टी ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, जो विधायक दल की बैठकों में नए नेता के चयन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता कौन चुना जाता है और कौन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेता है। बीजेपी पहले भी अपने फैसलों से सभी को चौंकाती रही है, ऐसे में इस बार भी किसी नए चेहरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।