बीरभूम तेजाब हमला मामला: 9 साल बाद दोषी को 10 साल की सजा, अदालत ने सुनाया अहम फैसला
बीरभूम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में महिला पर हुए तेजाब हमले के मामले में अदालत ने लगभग नौ साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी समसद शेख उर्फ शम्सुद्दीन को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
2017 में हुआ था हमला
मामला 9 नवंबर 2017 का है। बीरभूम जिले के नलहाटी थाना क्षेत्र के अमाईपुर गांव की रहने वाली सजदा बीबी सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान गांव के ही निवासी आरोपी समसद शेख ने उन पर जानलेवा हमला किया था। आरोप है कि उसने सिरिंज की मदद से महिला पर तेजाब फेंका, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हमले में गंभीर रूप से झुलसी थीं पीड़िता
तेजाब हमले में पीड़िता के दाहिने हाथ और पेट पर गंभीर जलने की चोटें आई थीं। घटना के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले में नलहाटी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 326A के तहत केस दर्ज किया गया था और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
9 साल लंबी सुनवाई के बाद फैसला
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और मामला अदालत में पहुंचा। लंबे ट्रायल के बाद 24 जून 2026 को रामपुरहाट स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
जांच और अभियोजन की भूमिका अहम
इस मामले में जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर बिप्लब मुखर्जी की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने सबूत जुटाने और जांच को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। वहीं सरकारी वकील देबरंजन गांगुली ने अदालत में मजबूत पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
पुलिस का सख्त संदेश
बीरभूम पुलिस ने इस फैसले को महिला सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश बताया है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा। अधिकारियों के अनुसार, चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो, दोषियों को न्याय के कटघरे तक लाया जाएगा।