नई दिल्ली: भाजपा के युवा नेता और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन को लेकर उनके कॉलेज के एक करीबी दोस्त द्वारा लिखी गई एक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस पोस्ट में नितिन नवीन के छात्र जीवन, सादगी और संघर्ष की कहानी का उल्लेख किया गया है, जिसे बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साझा किया। जानकारी के अनुसार, पत्रकार पीयूष पद्माकर ने नितिन नवीन के साथ अपने कॉलेज के दिनों की यादें साझा करते हुए उनके स्वभाव और जीवनशैली पर विस्तार से लिखा। उन्होंने बताया कि नितिन नवीन, जो उस समय पटना के एक विधायक के बेटे थे, बेहद सरल स्वभाव के थे और कभी भी अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का घमंड नहीं दिखाते थे। पोस्ट में लिखा गया है कि वर्ष 1998 के दौरान नितिन नवीन और उनके दोस्त दिल्ली में एक साथ रहते थे और सीमित संसाधनों में जीवन व्यतीत करते थे। दोनों मित्रों ने कम खर्च में रहने के लिए डीटीसी बसों से यात्रा की और भोजन व किराए में बचत करने की कोशिश की। लेखक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नितिन नवीन ने कभी भी अपने पिता की राजनीतिक पहचान का उपयोग नहीं किया और आम छात्रों की तरह ही जीवन जिया। सीमित बजट के कारण वे चार दोस्तों के साथ एक छोटे से मकान में रहते थे, जहां वे मिलकर खाना बनाते, बर्तन धोते और घर के काम साझा करते थे। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि नितिन नवीन अपने दोस्तों के बीच बेहद अनुशासित और मिलनसार थे तथा अक्सर समूह के भीतर होने वाले विवादों को शांत कराने में अहम भूमिका निभाते थे। इस पोस्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साझा किया और इसे भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नवीन की सादगी और विनम्रता हर कार्यकर्ता के लिए गर्व की बात है। यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नितिन नवीन की सादगी और संघर्ष की चर्चा तेज हो गई है, और इसे एक प्रेरणादायक राजनीतिक यात्रा के रूप में देखा जा रहा है।
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