क्या पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद फिर छिड़ी बहस, जानिए क्या कहता है कानून
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह केवल एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है। मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण के बाद नागरिकता और पहचान से जुड़े दस्तावेजों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर कई सार्वजनिक हस्तियों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पासपोर्ट जारी करने से पहले विस्तृत जांच और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है, ऐसे में इसे नागरिकता के प्रमाण के रूप में क्यों नहीं माना जाता। हालांकि, कानूनी तौर पर यह कोई नया नियम नहीं है और लंबे समय से यही व्यवस्था लागू है।
2013 में हाई कोर्ट ने भी किया था स्पष्ट
सितंबर 2013 में एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया था कि आधार कार्ड, पासपोर्ट और यहां तक कि जन्म प्रमाण पत्र भी अपने आप में नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माने जा सकते। अदालत ने कहा था कि यदि किसी व्यक्ति का जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद भारत में हुआ है, तो केवल जन्म के आधार पर उसे भारतीय नागरिक नहीं माना जा सकता। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो।
क्या कहता है नागरिकता कानून?
नागरिकता कानून के अनुसार, 1 जुलाई 1987 के बाद भारत में जन्मे व्यक्ति को नागरिकता तभी मिलेगी जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो। वहीं, बाद के संशोधनों के तहत यह भी प्रावधान किया गया कि यदि एक माता-पिता भारतीय नागरिक है और दूसरा अवैध रूप से भारत में रह रहा विदेशी नागरिक है, तो केवल जन्म के आधार पर नागरिकता का दावा नहीं किया जा सकता।
जन्म प्रमाण पत्र और आधार की क्या है भूमिका?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र यह साबित करता है कि व्यक्ति का जन्म किसी विशेष स्थान और तारीख को हुआ था। वहीं आधार कार्ड पहचान और निवास से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। लेकिन ये दस्तावेज नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माने जाते। इसी तरह पासपोर्ट भी पहचान और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण।
गैर-नागरिकों को भी जारी हो सकता है पासपोर्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि पासपोर्ट अधिनियम के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसे लोगों को भी यात्रा दस्तावेज जारी किए जा सकते हैं जो भारतीय नागरिक नहीं हैं। यही वजह है कि केवल पासपोर्ट के आधार पर नागरिकता का दावा कानूनी रूप से पर्याप्त नहीं माना जाता।
नागरिकता साबित करने के लिए क्या जरूरी है?
किसी व्यक्ति की नागरिकता का निर्धारण उसके जन्म, माता-पिता की नागरिकता, कानूनी रिकॉर्ड और नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर किया जाता है। इसलिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज पहचान और अन्य उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन अकेले इन्हें नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। विदेश मंत्रालय के हालिया स्पष्टीकरण ने एक बार फिर इस विषय को चर्चा के केंद्र में ला दिया है और नागरिकता से जुड़े कानूनी प्रावधानों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया है।