• June 9, 2026

कर्नाटक कांग्रेस में फिर बढ़ी कलह! पोर्टफोलियो विवाद के बीच दो बड़े नेता दिल्ली पहुंचे

बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर जारी असंतोष थमता नजर नहीं आ रहा है। वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी शांत होने के कुछ ही दिनों बाद अब पार्टी के दो और नेताओं की असंतुष्टि ने सरकार और नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। दोनों नेता कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा और कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद पार्टी नेतृत्व से चर्चा के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। उनके दिल्ली दौरे के बाद कर्नाटक मंत्रिमंडल और विभागीय फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

कृष्णा बायरे गौड़ा की नाराजगी की वजह क्या?

सूत्रों के अनुसार, कृष्णा बायरे गौड़ा को बेंगलुरु विकास विभाग तो सौंप दिया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक आधिकारिक रूप से कार्यभार नहीं संभाला है। बताया जा रहा है कि उनकी नाराजगी विभाग के सीमित अधिकारों को लेकर है।

गौड़ा चाहते हैं कि BDA (Bengaluru Development Authority) और BMRDA (Bengaluru Metropolitan Region Development Authority) को भी उनके मंत्रालय के अधीन लाया जाए। उनका मानना है कि इन प्रमुख एजेंसियों के बिना बेंगलुरु विकास मंत्रालय प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाएगा।

कैबिनेट में जगह चाहते हैं रिजवान अरशद

दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद के दिल्ली पहुंचने को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों का कहना है कि वह मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज हैं और पार्टी आलाकमान से कैबिनेट में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं।

रिजवान अरशद को कांग्रेस का एक प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा माना जाता है और लंबे समय से उनके मंत्री बनाए जाने की चर्चा होती रही है।

रेड्डी विवाद सुलझा, लेकिन तनाव कायम

यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी को शांत किया था।

दरअसल, रामलिंगा रेड्डी को सिंचाई विभाग दिए जाने के बाद उन्होंने कथित तौर पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें पहले बेंगलुरु विकास मंत्रालय देने का आश्वासन मिला था, लेकिन बाद में यह विभाग कृष्णा बायरे गौड़ा को दे दिया गया।

हालांकि, देर रात चली लंबी बैठक के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्थिति को संभालते हुए कहा था कि “रामलिंगा रेड्डी मेरे दोस्त हैं। सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। यह हमारा पारिवारिक मामला था और अब इस्तीफे का विवाद खत्म हो गया है।”

कांग्रेस नेतृत्व के सामने नई चुनौती

अब कृष्णा बायरे गौड़ा और रिजवान अरशद की नाराजगी ने संकेत दे दिए हैं कि कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान अभी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के लिए संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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