BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: दिल्ली समेत चार राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की कमान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए दिल्ली समेत चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी ने राजधानी दिल्ली, त्रिपुरा, पंजाब और हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन कर आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों पर भरोसा जताया है।
हर्ष मल्होत्रा बने दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष
बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री और पूर्वी दिल्ली से सांसद हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। वह वीरेंद्र सचदेवा की जगह यह पद संभालेंगे।
हर्ष मल्होत्रा 2024 लोकसभा चुनाव में पहली बार सांसद चुने गए थे। पार्टी ने उन्हें पूर्व क्रिकेटर और सांसद गौतम गंभीर की जगह पूर्वी दिल्ली सीट से मैदान में उतारा था। वर्तमान में वह केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
संगठनात्मक अनुभव की बात करें तो हर्ष मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के महासचिव रह चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2015-16 के दौरान उन्होंने दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी। वह साल 2012 में पूर्वी दिल्ली की वेलकम कॉलोनी से निगम पार्षद भी चुने गए थे।
अभिषेक देबरॉय को मिली त्रिपुरा बीजेपी की कमान
बीजेपी ने त्रिपुरा में युवा नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विधायक अभिषेक देबरॉय को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी का मानना है कि युवा चेहरे के तौर पर अभिषेक राज्य में संगठन को और मजबूत करेंगे।
पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों को बड़ी जिम्मेदारी
पंजाब बीजेपी की कमान बरनाला के पूर्व विधायक और जाट सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी गई है। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ढिल्लों अब सुनील जाखड़ की जगह प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
पार्टी को उम्मीद है कि ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में संगठन को मजबूती मिलेगी और नए सामाजिक समीकरण तैयार होंगे।
डॉ. अर्चना गुप्ता को मिली हरियाणा बीजेपी की कमान
हरियाणा में बीजेपी ने डॉ. अर्चना गुप्ता को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पेशे से डॉक्टर और पानीपत की सक्रिय राजनीतिक हस्ती डॉ. गुप्ता इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और विश्व हिंदू परिषद (VHP) में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।
बीजेपी के इस संगठनात्मक बदलाव को आगामी चुनावों और राज्यों में पार्टी की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।