बिहार बीजेपी ने जारी की नई प्रदेश टीम, 38 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार प्रदेश संगठन की नई पदाधिकारी सूची जारी कर दी है। पार्टी की नई प्रदेश कमिटी में कुल 38 नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस नई टीम में 14 प्रदेश उपाध्यक्ष, 5 महामंत्री, 13 प्रदेश मंत्री और 3 कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा मोर्चा अध्यक्षों की भी घोषणा की गई है। पार्टी ने संगठन में अनुभवी नेताओं, पूर्व विधायकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
14 नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष
बीजेपी ने प्रदेश उपाध्यक्ष पद के लिए कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी दी है। इनमें हरिभूषण ठाकुर बचौल, पवन जायसवाल और प्रणव कुमार यादव जैसे पूर्व विधायक भी शामिल हैं।
प्रदेश उपाध्यक्षों की सूची:
- हरिभूषण ठाकुर बचौल (पूर्व विधायक)
- राकेश कुमार
- संतोष पाठक
- मनोज कुमार सिंह
- अनामिका पासवान
- शोभा सिंह
- पवन जायसवाल (पूर्व विधायक)
- प्रणव कुमार यादव (पूर्व विधायक)
- संतोष रंजन राय
- नंद प्रसाद चौहान
- अनिल ठाकुर
- मुकेश शर्मा (औरंगाबाद)
- शीला कुशवाहा
- बलराम मंडल
पांच नेताओं को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी
पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए पांच नेताओं को प्रदेश महामंत्री बनाया है।
प्रदेश महामंत्री:
- सरोज रंजन पटेल
- धनराज शर्मा
- प्रीति शेखर
- नितिन अभिषेक
- राजेश झा उर्फ राजू झा
13 प्रदेश मंत्री और 3 कोषाध्यक्ष नियुक्त
बीजेपी ने 13 नेताओं को प्रदेश मंत्री बनाया है, जिनमें सुषमा साहू, अंजनी निषाद, सीमा झा, सरला रजक और सुनील राम जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, विधायक त्रिविकम नारायण सिंह समेत तीन नेताओं को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
मोर्चा अध्यक्षों की भी घोषणा
बीजेपी ने अपने विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की भी नियुक्ति की है।
मोर्चा अध्यक्षों की सूची:
- जितेन्द्र सिंह – युवा मोर्चा
- निशा सिंह (विधायक) – महिला मोर्चा
- राम सुमिरन सिंह – किसान मोर्चा
- प्रमोद चंद्रवंशी – ओबीसी मोर्चा
- सुजीत पासवान (विधायक) – अनुसूचित जाति मोर्चा
- निरंजन पंजियार थारू – अनुसूचित जनजाति मोर्चा
- मो. महबुल हक – अल्पसंख्यक मोर्चा
बिहार में संगठन मजबूत करने की तैयारी
2025 विधानसभा चुनाव में सफलता के बाद बिहार में बीजेपी लगातार अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद पार्टी राज्य में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
नई प्रदेश टीम को आगामी चुनावों और संगठन विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर जनाधार बढ़ाना बताया जा रहा है।