• May 16, 2026

NEET पेपर लीक विवाद के बीच NTA पर संकट गहराया, सुप्रीम कोर्ट में एजेंसी भंग करने की मांग

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर NTA को भंग करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, जिसे सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत स्थापित किया गया था, अब देश की प्रमुख परीक्षाओं के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं रह गई है।

याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि संसद में नया कानून लाकर एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा संस्था का गठन किया जाए। प्रस्तावित संस्था को स्पष्ट कानूनी अधिकार, सख्त पारदर्शिता नियम और संसद के प्रति प्रत्यक्ष जवाबदेही दी जाए। उनका कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन के लिए मजबूत कानूनी ढांचा और जवाबदेही बेहद जरूरी है।

यह याचिका ऐसे समय में दायर की गई है जब NEET पेपर लीक मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मामले के कथित मास्टरमाइंड और लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क में कुलकर्णी के अलावा कई अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।

सूत्रों के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ दो अन्य लेक्चरर भी पेपर लीक कराने में शामिल थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इन दोनों आरोपियों की तलाश में पुणे और लातूर में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी लोग NTA के साथ परीक्षा संचालन से जुड़े हुए थे और संगठित तरीके से काम कर रहे थे।

आरोप है कि पुणे के एक संस्थान में आरोपियों ने छात्रों को अलग-अलग प्रश्न और उनके सही उत्तर नोटबुक में लिखवाए थे। वहीं, जांच एजेंसियों को मनीषा वाघमारे के नाम से खोले गए एक नए बैंक खाते की जानकारी भी मिली है, जिसमें छात्रों से लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए थे। CBI ने इस खाते को फिलहाल सीज कर दिया है और पैसों के लेनदेन की गहन जांच जारी है।

फिलहाल, CBI फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले में आगे कई बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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