दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम, 90 दिनों तक चलेगा ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और जनसहभागिता अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की कि राजधानी में अगले 90 दिनों तक “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के तहत सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी। साथ ही निजी कंपनियों के लिए भी इसी तरह की एडवाइजरी जारी की जाएगी। यह व्यवस्था 15 मई से लागू होगी।
पेट्रोल-डीजल बचत और ट्रैफिक कम करने पर फोकस
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने ईंधन बचत को लेकर दो स्तरों पर तैयारी की है। सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती की गई है और अधिकारियों के पेट्रोल कोटे में 20 फीसदी की कमी की गई है।
उन्होंने कहा कि हर सोमवार को “मेट्रो मंडे” के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मंत्री और सरकारी अधिकारी मेट्रो से सफर करेंगे।
सरकार ने विश्वविद्यालयों से गैर-प्रायोगिक (Non-Practical) कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने की अपील की है। वहीं अदालतों से भी अधिक से अधिक ऑनलाइन सुनवाई करने का अनुरोध किया गया है।
ऑफिस टाइम में बदलाव
दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है।
- दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगे।
- एमसीडी कार्यालयों का समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा।
सीएम ने नागरिकों से सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने की भी अपील की।
अगले 6 महीने तक वाहन खरीद पर रोक
दिल्ली सरकार ने अगले छह महीने तक कोई नया वाहन नहीं खरीदने का फैसला किया है। साथ ही कर्मचारियों के ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है।
व्यापारियों से भी अपील की गई है कि माल परिवहन के लिए ट्रकों के बजाय रेल परिवहन को प्राथमिकता दें।
दिल्ली सरकार के अन्य बड़े फैसले
- 50 फीसदी सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी
- श्रम विभाग में सिंगल विंडो हेल्प डेस्क बनाई जाएगी
- मंत्री और अधिकारी अगले एक साल तक विदेश यात्रा नहीं करेंगे
- बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम अगले तीन महीने तक आयोजित नहीं किए जाएंगे
- दिल्ली के लिए विशेष ट्रैवल प्लान तैयार किया जाएगा
- सभी मॉल्स में “मेड इन इंडिया” कॉर्नर बनाए जाएंगे
- दिल्ली सरकार भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देगी
- सरकारी दफ्तरों में एसी 24-26 डिग्री तापमान पर चलेंगे
- बिजली बचाने के लिए मास्टर स्विच लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी का आंदोलन होगा, जिसका उद्देश्य संसाधनों की बचत, ट्रैफिक नियंत्रण और “मेड इन इंडिया” को बढ़ावा देना है।