वर्कप्लेस पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार सख्त, POSH कानून के पालन की जांच के लिए अधिकारियों की नियुक्ति
महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ कथित शोषण के मामले के बाद राज्य सरकार ने कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है कि संस्थानों में POSH Act 2013 का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी संस्था में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो POSH Act 2013 की धारा 26 के तहत संबंधित संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यस्थलों का निरीक्षण कर सकेंगे अधिकारी
सरकारी आदेश के अनुसार, कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण (प्रतिषेध, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH Act की धारा 25 के तहत अधिकृत अधिकारी किसी भी सरकारी, अर्धसरकारी या निजी संस्थान से जानकारी मांग सकते हैं और वहां निरीक्षण भी कर सकते हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में निजी और सरकारी संस्थान, निगम और अन्य संगठन मौजूद हैं, इसलिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच और निरीक्षण हेतु अधिकारियों को अधिकृत करना जरूरी था।
इन अधिकारियों को मिली जांच की जिम्मेदारी
सरकार ने POSH Act के पालन की जांच के लिए कई स्तरों के अधिकारियों को अधिकृत किया है। इनमें जिला अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, परिवीक्षा अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, MAVIM के जिला समन्वय अधिकारी, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका और सरकारी व स्वयंसेवी संस्थाओं के अधीक्षक शामिल हैं।
TCS को भी लग चुकी है फटकार
इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने Tata Consultancy Services को POSH Act का पालन न करने के आरोप में फटकार लगाई थी। आयोग की जांच में आरोप लगाया गया कि नासिक स्थित कार्यालय में महिलाओं के उत्पीड़न, धार्मिक अपमान, सुनियोजित दादागिरी और डर का माहौल बनाया गया था।
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और POSH कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।