• May 14, 2026

NEET-UG पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा: यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा प्रश्नपत्र, छात्रों से वसूले गए लाखों रुपये

NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में अब यह खुलासा हुआ है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र राजस्थान तक कैसे पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक, NEET-UG का पेपर Yash Yadav के माध्यम से राजस्थान पहुंचाया गया था। बताया जा रहा है कि यश यादव की पहचान Vikas Bival से थी, जिसके जरिए यह नेटवर्क आगे बढ़ा।

हार्डकॉपी स्कैन कर बनाई गई थी PDF

जांच में सामने आया है कि विकास बिवाल के पिता Dinesh Bival ने प्रश्नपत्र की हार्डकॉपी को स्कैन कर उसकी PDF फाइल तैयार की थी। आरोप है कि इसके बाद यह प्रश्नपत्र सीकर के कई कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों तक पहुंचाया गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, लीक हुए पेपर को डिजिटल फॉर्म में तैयार कर अलग-अलग माध्यमों से छात्रों तक भेजा गया, जिससे पेपर लीक का दायरा तेजी से बढ़ा।

छात्रों से लिए गए 2 से 5 लाख रुपये

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई छात्रों ने बताया है कि उनसे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक वसूले गए। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक लेनदेन से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही हैं।

हालांकि, मामले में सामने आए Shubham ने खुद को इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है।

खुद परीक्षा पास नहीं कर पाया यश यादव

जांच में यह भी सामने आया है that Yash Yadav खुद NEET परीक्षा पास नहीं कर पाया। बताया जा रहा है कि वह बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज (BAMS) का छात्र है। एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र लीक होने का असली स्रोत क्या था और किन-किन लोगों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया।

CBI का फोकस अब मनी ट्रेल पर

Central Bureau of Investigation (CBI) ने मामले में कई कोचिंग संस्थानों के स्टाफ और मालिकों से पूछताछ की है। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों और छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

अब जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस मनी ट्रेल पर है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पेपर लीक के बदले वसूली गई रकम किन लोगों और किन बैंक खातों तक पहुंची। मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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