‘महालक्ष्मी सरस 2026’ बना महिला सशक्तिकरण का बड़ा मंच, 21 करोड़ से ज्यादा का कारोबार
महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग की ओर से ‘उमेद – महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत आयोजित ‘महालक्ष्मी सरस 2026’ इस वर्ष राज्य की सबसे चर्चित प्रदर्शनियों में शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के सहयोग और ग्रामीण विकास मंत्री Jaykumar Gore के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी को मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।
क्या है ‘महालक्ष्मी सरस 2026’?
Mahalaxmi Saras 2026 का आयोजन मुंबई के MMRDA Ground में 2 मई से 14 मई 2026 तक किया गया था, जिसे अब बढ़ती मांग के चलते 17 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
यह प्रदर्शनी महाराष्ट्र सरकार की ‘उमेद’ पहल के तहत आयोजित एक प्रमुख महिला उद्यमी एक्सपो है, जहां ग्रामीण महिला कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पाद, आभूषण, साड़ियां, घरेलू सामान और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के 500 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
‘एक ही छत के नीचे पूरा महाराष्ट्र’
प्रदर्शनी में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों की संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक उत्पादों की झलक देखने को मिल रही है। इसी वजह से इसे “एक ही छत के नीचे पूरा महाराष्ट्र” का अनुभव देने वाला आयोजन बताया जा रहा है।
राज्यभर से आए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी ने इस आयोजन को ग्रामीण उद्यमिता और महिला आत्मनिर्भरता का बड़ा मंच बना दिया है।
21 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
बढ़ती जन-प्रतिक्रिया के चलते Mahalaxmi Saras 2026 में अब तक 21 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया जा चुका है। खास बात यह रही कि 9 मई 2026 को अकेले एक दिन में करीब 6 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में ‘उमेद’ मिशन के तहत 6.68 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह और 71 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
आधुनिक सुविधाओं से बढ़ी लोकप्रियता
प्रदर्शनी में 535 प्रोडक्ट स्टॉल और 80 फूड स्टॉल लगाए गए हैं। आगंतुकों की सुविधा के लिए वातानुकूलित फूड कोर्ट, मुफ्त बस सेवा, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं और बेहतर बुनियादी ढांचे जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाया है।
‘उमेद मार्ट’ और ‘उमेद मॉल’ पर सरकार का फोकस
महिला उद्यमियों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार “उमेद मार्ट” और “उमेद मॉल” की अवधारणा को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है।
‘उमेद मार्ट’ के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। वहीं, राज्य के 13 जिलों में “उमेद मॉल” विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य में तालुका स्तर तक विस्तार देने की योजना है।
महिला आत्मनिर्भरता का उत्सव
नागरिकों और आगंतुकों का मानना है कि Mahalaxmi Saras 2026 केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का एक प्रेरणादायक उत्सव बन चुकी है।