महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: मंत्रियों के काफिले आधे होंगे, विदेश दौरों और सरकारी विमानों पर लगी रोक
प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकारी खर्च में कटौती, ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बुधवार को मुंबई में दो हाईलेवल बैठकों के बाद कई अहम निर्देश जारी किए।
बैठकों में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने प्रशासनिक खर्च कम करने और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू करने का फैसला किया है।
मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या होगी आधी
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से आधी की जाएगी।
राज्य से बाहर होने वाले दौरों में तय सीमा से अधिक गाड़ियां शामिल नहीं होंगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस कमिश्नर और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) की होगी।
विदेश दौरों और सरकारी विमानों पर रोक
महाराष्ट्र सरकार ने फिलहाल मंत्रियों और अधिकारियों के विदेशी दौरों पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही, अत्यंत जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी और मंत्री नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स का इस्तेमाल करें और सरकारी संसाधनों का उपयोग सीमित रखें।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक उपयोग करने की सलाह दी है। शुरुआती चरण में सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से प्रयोग के तौर पर अपनाया जाएगा।
इसके अलावा, अधिकतर सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिकारियों को बार-बार मुंबई आने की जरूरत न पड़े।
सरकारी वाहनों की होगी समीक्षा
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को आवंटित सरकारी वाहनों की समीक्षा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव Rajesh Agrawal को सभी सरकारी वाहनों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने का निर्देश दिया है।
इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों और पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की अलग-अलग जानकारी मांगी गई है।
एकनाथ शिंदे ने शुरू किया इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल
उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि उनके काफिले में पहले 15 से 17 गाड़ियां होती थीं, जिन्हें अब घटाकर लगभग 7 कर दिया गया है।
वहीं, PWD मंत्री Shivendraraje Bhosale ने कहा कि वे पहले से ही निजी हाइब्रिड कार का उपयोग करते हैं और अब उनके काफिले में केवल दो वाहन रहेंगे।
सालाना करोड़ों रुपये की बचत का अनुमान
राज्य सरकार के मुताबिक, महाराष्ट्र कैबिनेट में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 42 मंत्री हैं। पहले मंत्रियों के काफिलों में कुल 250 से 300 वाहन शामिल रहते थे।
अनुमान के अनुसार, एक वाहन पर प्रतिदिन 1500 से 3000 रुपये तक ईंधन खर्च होता है। इस हिसाब से काफिलों पर रोजाना लगभग 4 से 6 लाख रुपये, महीने में 1.5 से 2 करोड़ रुपये और सालाना करीब 18 से 20 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
सरकार का अनुमान है कि काफिलों में कटौती और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से सालाना 8 से 9 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है।