यूएन में भारत की सख्त चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य
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Madhulika- April 29, 2026
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United Nations Security Council में भारत ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। भारत की डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव Yojna Patel ने परिषद में भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा बेहद अहम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाली कमर्शियल शिपिंग भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए इसे किसी भी तरह के सैन्य हमलों का निशाना बनाना गलत है। पटेल ने कहा कि ऐसे हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि निर्दोष नागरिकों की जान को भी खतरे में डालते हैं।
भारत ने यह भी चिंता जताई कि हालिया संघर्षों के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की जान गई है। पटेल ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने से बचना चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि भारत ने UNSC Resolution 2817 को सह-प्रायोजित किया था, जो इस क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध व्यापार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत ने वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने के लिए इस मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित करने की अपील की है।
पटेल ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रम का असर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर खुली बहस आयोजित करने के लिए Bahrain का आभार भी व्यक्त किया।
भारत ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। पटेल ने कहा कि यह क्षेत्र भारत का करीबी पड़ोस है और यहां की स्थिरता भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, भारत ने United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) के शांति सैनिकों पर हमलों की भी निंदा की। पटेल ने कहा कि “ब्लू हेलमेट” शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए तैनात होते हैं और उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे हमलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।