लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज सीबीआई की एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने मामले को ट्रायल कोर्ट में मेरिट के आधार पर सुनवाई के लिए भेज दिया है। हालांकि अदालत ने यह राहत दी है कि सुनवाई के दौरान लालू यादव को व्यक्तिगत रूप से निचली अदालत में पेश होने की आवश्यकता नहीं होगी।
FIR रद्द करने की थी मांग
लालू यादव ने इस मामले में अपने और अपने परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने दलील दी थी कि जांच और आरोपपत्र कानूनी रूप से वैध नहीं हैं, क्योंकि सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17ए के तहत पूर्व अनुमति नहीं ली।
क्या है ‘लैंड फॉर जॉब’ मामला?
यह कथित घोटाला लालू यादव के रेल मंत्री (2004–2009) के कार्यकाल से जुड़ा है। आरोप है कि भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में ग्रुप-डी की भर्तियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई।
अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को नौकरी दी गई, उन्होंने कथित तौर पर जमीन लालू यादव के परिवार या उनके करीबी सहयोगियों के नाम पर ट्रांसफर की।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला 18 मई 2022 को दर्ज किया गया था, जिसमें लालू यादव, उनकी पत्नी और बेटियों समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं। अब ट्रायल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जहां साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।