सीएम योगी के सख्त निर्देश: कार्यकर्ताओं की सुनवाई, आपूर्ति व्यवस्था और बजट खर्च पर जोर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद सभी मंत्रियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।
कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर सख्ती
हाल ही में Bharatiya Janata Party (BJP) के विभिन्न सांगठनिक क्षेत्रों में हुई बैठकों से मिले फीडबैक में मंत्रियों के व्यवहार और कार्यकर्ताओं की शिकायतों की अनदेखी की बात सामने आई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ विशेष चर्चा की।
जिलों में बढ़ाएं सक्रियता
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों का नियमित दौरा करें और जिला, मंडल व ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और देरी होने पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।
जरूरी आपूर्ति पर निगरानी
बैठक में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया। एलपीजी की कमी को देखते हुए गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करने और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक जरूर पहुंचे।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर फोकस
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 10 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे। जिन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कम है, वहां फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
बजट खर्च में तेजी लाने के निर्देश
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट पर तेजी से काम शुरू करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अप्रैल में ही योजनाओं को मंजूरी देकर काम शुरू किया जाए और शुरुआती छह महीनों में अधिकतम बजट खर्च सुनिश्चित किया जाए। कुछ विभागों में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में 80% से कम बजट उपयोग नहीं होना चाहिए।