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दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर पर तेजी: 136 किमी लंबा प्रोजेक्ट, दिल्ली से करनाल 1.5 घंटे में, काम जून 2026 से शुरू होने की संभावना

नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026: दिल्ली-मेरठ नमो भारत RRTS कॉरिडोर के पूरा होने के बाद अब केंद्र सरकार की नजर दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर RRTS कॉरिडोर पर टिकी है। दिल्ली से हरियाणा के पानीपत और करनाल को हाई-स्पीड रेल से जोड़ने वाला दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक बोझ को कम करने और रोजाना अप-डाउन यात्रा को आसान बनाने वाला गेमचेंजर साबित होगा।
यह कॉरिडोर सराय काले खां (दिल्ली) से शुरू होकर हरियाणा के करनाल तक जाएगा। कुल लंबाई लगभग 136.3 किलोमीटर होगी और यह नेशनल हाईवे-44 (NH-44) के समानांतर चलेगा। अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है।
दिल्ली में 5, हरियाणा में 7 स्टेशन

  • दिल्ली में स्टेशन: सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर और नरेला
  • हरियाणा में स्टेशन: कुंडली, सोनीपत, समालखा, मुरथल, गन्नौर, पानीपत और करनाल (मधुबन-करनाल बाईपास)

समय में बड़ी कमी

  • वर्तमान में दिल्ली से करनाल जाने में सड़क मार्ग से 3.5 से 4 घंटे लगते हैं।
  • नमो भारत RRTS के शुरू होने के बाद यह समय घटकर मात्र 1.5 घंटे रह जाएगा।
  • दिल्ली से पानीपत की दूरी ट्रैफिक में 2-2.5 घंटे लेती है, जो RRTS से घटकर 60 मिनट रह जाएगी।

इससे दिल्ली में महंगे किराए के मकानों में रहने की बजाय आसपास के शहरों से रोजाना अप-डाउन करना ज्यादा सुविधाजनक और किफायती हो जाएगा।

प्रोजेक्ट की प्रगति और फंडिंग
नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS के लिए फंड की मंजूरी दी थी। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (NCRTC) ने नरेला-सोनीपत सेक्शन में इलेक्ट्रिसिटी लाइनें और अन्य अवरोध हटाने का टेंडर जारी कर दिया है।
प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जून-जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है।
फंडिंग में केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी संभव है। हरियाणा के शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी हाल ही में संकेत दिए हैं कि प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेगा। यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर को और मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा। NCRTC का लक्ष्य है कि दिल्ली-मेरठ की तरह ही इस कॉरिडोर को भी समय से पहले पूरा किया जाए।

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