दिल्ली में ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत CM रेखा गुप्ता ने की सफाई, 70 घाटों पर चला स्वच्छता अभियान
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत रविवार को आईटीओ स्थित हाथी घाट पर स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। इस दौरान दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा सहित युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों से यमुना के घाटों और किनारों को साफ रखने तथा नदी में कचरा नहीं डालने की अपील की।
दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर हुई सफाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर हजारों लोगों ने एकजुट होकर सफाई अभियान में भाग लिया। उन्होंने इसे मां यमुना के प्रति श्रद्धा को सेवा में बदलने का प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस तरह की जनभागीदारी यमुना को स्वच्छ बनाने के संकल्प को मजबूती देती है। अभियान में स्थानीय नागरिकों के साथ युवाओं और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने भी भागीदारी की।
‘यमुना प्रहरी’ बनकर स्वच्छता बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे यमुना के घाटों और किनारों पर प्लास्टिक, पूजा सामग्री और अन्य कचरा न डालें। उन्होंने लोगों से स्वयं स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘यमुना प्रहरी’ बनकर नदी की स्वच्छता में योगदान देने की अपील की।
पूजा सामग्री और खंडित मूर्तियों से भी प्रदूषण की चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता जीवन जीने की एक पद्धति है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सफाई अभियान के दौरान घाट पर भगवान के वस्त्र, खंडित मूर्तियां और पूजा सामग्री जैसी चीजें पड़ी दिखाई दीं।
रेखा गुप्ता के अनुसार, लोग पूजा के अवशेष और अन्य सामग्री यमुना में प्रवाहित करने के लिए छोड़ जाते हैं, जिससे नदी प्रदूषित होती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पूजा सामग्री, पुराने धार्मिक वस्त्र, खंडित मूर्तियां और अन्य कचरा नदी में न डालें, बल्कि उनके उचित निस्तारण का विकल्प अपनाएं।
यमुना प्रदूषण के अन्य कारणों पर भी काम कर रही सरकार: CM
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना के दूषित होने के कई कारण हैं और सरकार उन पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में विभिन्न संस्थाओं से भी सहयोग का आह्वान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की स्वच्छता के लिए जरूरी है कि लोग अपनी आदतों में बदलाव लाएं और नदी में किसी भी तरह की गंदगी पहुंचने से रोकें। ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत आयोजित सफाई कार्यक्रम में जनभागीदारी के जरिए नदी और उसके घाटों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया।
